Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा चुनाव में बुधवार को मतदान पूरी हो चुका है और इस बार 60 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार, दिल्ली में कुल 60.44 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछली बार की तुलना में थोड़ा कम था। हालांकि, ये प्रतिशत ठीक ठाक है और इससे ये अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली की सियासत में इस बार कुछ दिलचस्प मोड़ आ सकते हैं।
वैसे तो एग्जिट पोल के आंकड़ों से हमने ये देखा की इस बार भाजपा को बहुमत मिल रही है फिर भी, टक्कर कांटे की है। हम आपको दिल्ली के 10 वीआईपी (VIP) सीटों के बारे में बातएंगे जहां प्रमुख नेता चुनावी मैदान में हैं, और साथ ही वहां के वोटिंग प्रतिशत और एग्जिट पोल के रुझान का कहते हैं वो भी आपको बताएंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 (Delhi Elections) में कुल मतदान 60.44 प्रतिशत रहा, जो कि 2020 के चुनाव से थोड़ा कम था। 2020 में वोटिंग प्रतिशत 62।59 था, लेकिन इस बार मतदाताओं ने अपनी भागीदारी को बढ़ाया और वोट डाले। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में अलग समिकरण रहे। जहां कुछ इलाकों में अधिक मतदान हुआ तो कुछ में कम। सबसे अधिक मतदान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुआ, जहां 66.25 प्रतिशत वोट डाले गए, जबकि सबसे कम मतदान दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले में हुआ, जहां सिर्फ 56.16 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
दिल्ली में कुछ विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जिन्हें वीआईपी सीट माना जाता है, क्योंकि यहां से चुनावी लड़ाई दिलचस्प होती है और प्रमुख नेता इन सीटों से चुनाव लड़ते हैं। पहली सीट है नई दिल्ली जहां इस बार अरविंद केजरीवाल चुनावी मैदान में हैं और उनका मुकाबला बीजेपी के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। EXIT POLL की माने तो इस सीट पर यह अनुमान जताया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल इस सीट पर भारी जीत की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि, बीजेपी के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित भी अपनी ओर से प्रचार में लगे हुए हैं और उनके पास भी समर्थकों का एक आधार है।
ये सीट दिल्ली की सबसे प्रतिष्ठित और पूरानी सीटों में से एक है यहां 56.41 प्रतिशत मतदान हुआ। ये सीट केजरीवाल के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां पर उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। अगला है कालकाजी जी विधानसभा सीट इस बार दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी यहां से चुनावी मैदान में हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस की अलका लांबा से है। इस सीट पर 54.59 प्रतिशत मतदान हुआ है। कालकाजी सीट भी हमेशा से बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच की कड़ी टक्कर का मैदान रही है, और इस बार भी वही सब देखने को मिल रहा है। अब बात करते हैं पटपड़गंज सीट की इस बार आम आदमी पार्टी के अवध ओझा मैदान में हैं। यहां 60.70 प्रतिशत मतदान हुआ है। पटपड़गंज सीट एक ऐसी सीट है जहां बीजेपी और आप के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ये सीट भी दिल्ली के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक मानी जाती है।
जंगपुरा (Jangpura) जंगपुरा सीट पर 57.42 प्रतिशत मतदान हुआ है। यहां से मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ रहे हैं। मनीष सिसोदिया का इस सीट से चुनाव लड़ना एक अहम घटनाक्रम है, क्योंकि वे दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री हैं। उनके लिए यह चुनावी मुकाबला एक बड़ी परीक्षा है। बात करते हैं ग्रेटर कैलाश सीट की यहां पर 54.50 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस सीट पर आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज चुनावी मैदान में हैं। ग्रेटर कैलाश सीट पर भी बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच प्रतिद्वंद्विता रहती है, और यहां सौरभ भारद्वाज के लिए यह चुनाव कड़ा साबित हो सकता है। करावल नगर सीट पर 64.44 प्रतिशत मतदान हुआ है। यहां से बीजेपी के कपिल मिश्रा चुनावी मैदान में हैं। कपिल मिश्रा एक प्रमुख नेता हैं, जो बीजेपी के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। इस सीट पर उनकी जीत और हार दोनों ही दिल्ली की सियासत को प्रभावित कर सकती है।
मुस्तफाबाद सीट पर उनहत्तर प्रतिशत मतदान हुआ है, जो कि इस चुनाव का सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत है। इस सीट से एआईएमआईएम के ताहिर हुसैन चुनावी मैदान में हैं। मुस्तफाबाद एक मुस्लिम बहुल इलाका है और यहां पर ताहिर हुसैन की जीत का महत्व इस बात पर निर्भर करेगा कि मुस्लिम समुदाय इस बार किसे समर्थन देता है।ओखला सीट पर 54.90 प्रतिशत मतदान हुआ है। यहां से आम आदमी पार्टी के अमानतुल्लाह खान चुनावी मैदान में हैं। ओखला में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर रहती है और इस बार भी वहां चुनावी माहौल गर्म है। वहीं शकूर बस्ती सीट पर 63.56 प्रतिशत मतदान हुआ है। यहां से आम आदमी पार्टी के सत्येंद्र जैन चुनावी मैदान में हैं। सत्येंद्र जैन दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री हैं और इस सीट पर उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। नजफगढ़ सीट पर 64.14 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस सीट से आम आदमी पार्टी के कैलाश गहलोत चुनावी मैदान में हैं। कैलाश गहलोत दिल्ली के पूर्व मंत्री हैं और इस सीट पर उनकी प्रतिष्ठा भी महत्वपूर्ण है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Elections) में विभिन्न क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में उतार-चढ़ाव देखा गया। कुछ सीटों पर जहां मतदान प्रतिशत अधिक था, जैसे मुस्तफाबाद (69%), करावल नगर (64.44%), और नजफगढ़ (64.14%), वहीं कुछ सीटों पर यह कम था, जैसे कालकाजी (54.59%) और नई दिल्ली (56.41%)। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में मतदाताओं की भागीदारी में फर्क है, और ये चुनाव के परिणाम पर भी असर डाल सकता है।
2020 में दिल्ली विधानसभा चुनावों में कुल मतदान प्रतिशत 62.59 था। उस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 सीटों में से 62 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को सिर्फ 8 सीटें मिली थीं और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका था। इस बार के चुनाव में एग्जिट पोल्स के अनुसार, बीजेपी को कुछ सीटों में बढ़त दिखाई जा रही है, जबकि आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन पहले जैसा मजबूत हो सकता है। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वीआईपी सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। इन सीटों पर प्रमुख नेताओं के बीच कड़ी टक्कर है, और उनके प्रदर्शन के आधार पर दिल्ली की राजनीति की दिशा तय हो सकती है। मतदान प्रतिशत में थोड़ी सी गिरावट देखी गई है, लेकिन ये आंकड़े आखिरी परिणामों के आधार पर बदल सकते हैं। इस चुनाव के परिणामों का दिल्ली की सियासत पर गहरा असर पड़ेगा, और ये देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी सत्ता की कुर्सी पर काबिज होती है।


