Alka Lamba News: दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections) को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बीच कालकाजी (Kalkaji) से कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा (Alka Lamba) ने आज नामांकरण भरा है। अलका लांबा ने आज अपने चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के बाद बेहद सादगी भरे अंदाज में अपना नामांकन दाखिल किया। कालकाजी की जनता को रोड शो या जुलूस की वजह से भारी जाम का सामना न करना पड़े और लोगों के रोजमर्रा के कामों में कोई खलल न पड़े, इसलिए अलका लांबा अपने वकीलों की टीम के साथ एक गाड़ी में नामांकन करने पहुंची।
नामांकरण से पहले उन्होंने कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया। इस दौरान की की तस्वीरे अलका ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है। तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘आज कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया और ख़ुशहाली और समृद्धि के लिए विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया। कालकाजी विधानसभा में परिवर्तन और विकास के लिए नए संकल्पों की सिद्धि की शुरुआत हो चुकी है।’
इससे पहले कालकाजी से कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी की नेता और मुख्यमंत्री आतिशी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आतिशी को 17 लाख रुपये का चंदा मिला है। ये किसने दिया, इसका खुलासा करना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि कालकाजी के लोगों का इसमें कोई योगदान है। अलका लांबा ने कहा, ”वह (आतिशी) मेरे सामने नहीं हैं, मैं उनके सामने आया हूं, वह पहले से ही विधायक हैं। वह मुख्यमंत्री हैं। मैं साल 2015 से 2020 तक सिर्फ विधायक थी। मेरे विकास का मॉडल 26 जनवरी को जब राजपथ से झांकियां निकलती है तो देश ने देखा। यह मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र है और वह अपना नामांकन दाखिल करने गई हैं। 14 जनवरी को मैं खुद अपना नामांकन दाखिल करने जा रही हूं।’
बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कालकाजी विधानसभा सीट से दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ अलका लांबा को चुनावी मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्व नेता अलका लांबा अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। अलका लांबा 2015 में आप के टिकट पर चांदनी चौक से निर्वाचित हुईं थीं। उन्होंने 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए बीजेपी उम्मीदवार सुमन गुप्ता को 18 हजार से अधिक मतों से हराया था। इसके बाद फिर आम आदमी पार्टी में मतभेद के बाद 2019 में उन्होंने केजरीवाल का साथ छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया था। 2020 के विधानसभा चुनाव में अलका लांबा ने कांग्रेस के टिकट पर चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।


