Delhi Election: दिल्ली की इस सीट पर मचा घमासान, मुस्लिम वोटर तय करते हैं कौन जीतेगा चुनाव?दिल्ली के हॉटसीट में से एक ओखला विधानसभा क्षेत्र मुस्लिम बहुल सीट मानी जाता है, वहां से कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार का चेहरा साफ़ नहीं किया है। बता दें कि वहां आम आदमी पार्टी के अमानतउल्लाह खान मौजूदा विधायक हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी के काबिज होने से पहले वहां की जनता का कांग्रेस के विधायक आसिफ मोहम्मद खान के साथ थी। लेकिन ऐसा क्या है इस बार के चुनाव में की कांग्रेस पार्टी फूंक-फूंक कर ओखला सीट पर पांव रख रही है। आम आदमी पार्टी के विधायक के बटखारे का कौन सा उम्मीदवार वहां कांग्रेस उतार सकती है। क्या मौजूदा ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान से नाराज़ जनता खाली करवा देगी उनकी कुर्सी ! और आखिर दिल्ली दंगों के आरोपी और ओवैसी की पार्टी से ओखला विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रत्यासी शिफा उर रहमान के पक्ष में क्यों प्रचार करने लगी ओखली की बड़ी भीड़। क्या है ओखला के मुसलमानों के दिल में सब पर करेंगे बात
आप तक ये ख़बर साझा करने से पहले हमने दिल्ली के अल्पसंख्यक वोटरों पर सर्वे भी किया था।।।मुस्लिम बहुल इलाक़े जैसे ओखला, सिलमपुर, पुरानी दिल्ली भी गए। जानना चाहा कि दिल्ली के मुसलमानों का झुकाव किस ओर से। सर्वे में बात सामने आई कि दिल्ली के मुसलमान अबकी केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से नाराज़ चल रहे हैं। लिहाज़ा ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान से भी जनता की नाराज़गी सामने निकल कर आई। पब्लिक बोली कि विधायक जी या तो जेल में दिखाई देते हैं या चुनाव नज़दीक आने पर दिल्ली की सड़कों पर। जनता बोली कि एक हल्की बारिश में दिल्ली के बाटला हाउस, शाहीन बाग जैसे इलाकें पांव धरने भर नहीं रह जाते। कीचड़-कीचड़ हो जाते हैं। इन्हीं किचड़ पर तंज करके भाजपा इनमें कमल खिलाने की बात भी बीच-बीच में कर ही लेती है।
ओखला में फोन या संपत्ति के छीन-झपट की दास्तां स्थानीय लोग बताते ही रहते हैं। सफाई भी नहीं है। और विकास भी नहीं। गौरतलब है कि मौजूदा ओखला विधायक अमानतउल्ला खान जोकि वक़्फ बोर्ड के चेयरमैन भी रहे हैं, वक़्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए कई बार वक़्फ की अमानत में खयानत के आरोप भी उनपर लगते रहे हैं। लिहाज़ा घर ED,CBI के छापे भी पड़ते रहे हैं। छेड़खानी के आरोप भी हैं। यानी विधायक जी में नेता होने के सारे गुण मौजूद दिखाई पड़ते हैं। एक बात और यहां खुल कर सामने आती है कि CAA,NRC के प्रोटेस्ट के समय मुसलमानों पर कोरोना बम कहने का आरोप आम आदमी पार्टी द्वारा मढ़े गए थे, जिसकी नाराज़गी भी मुसलमानों में देखने को मिल रही है। वहीं एक तरफ़ कई तोहमतों के बीच अमानतुल्लाह खान की न टिकट कटी।।।नाहि सीट बदली गई तो वहीं औवेसी की AIMIM ने दो पतंगों के बीच तीसरी पेंच लड़ाने का काम कर दिया है।
बताते चलें कि ओखला विधानसभा क्षेत्र से AIMIM ने शिफा उर रहमान को टिकट दिया। शिफा उर रहमान वही हैं जिनके उपर दिल्ली दंगों का आरोप है। फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं, लेकिन ओवैसी की AIMIM कहती है कि वो दिल्ली दंगों के आरोपी नहीं हैं बल्कि पीड़ित हैं। उनपर फर्ज़ी आरोप है। बताते चलें कि दिल्ली दंगे के एक और आरोपी ताहिर हुसैन को AIMIM दिल्ली के मुस्तफाबाद से टिकट दे चुकी है। पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष शोएब जमई शाहरूख पठान के घर भी जाते दिख जाते हैं जोकि दिल्ली दंगों का आरोपी है। शाहरुख पठान को भी टिकट देने की बात पार्टी के अंदर चल रही है। ओखला के युवा भारी संख्या में शिफा उर रहमान के समर्थन में प्रचार करते दिखे। वो नारा भी लगा रहे थे मैं भी शिफा उर रहमान। मैं भी शिफा उर रहमान। लेकिन इन सबके बीच ओखला में मुसलमान बहुल इलाकों में कांग्रेस का साबुन स्लो है।एक समय पर ओखला में दबदबा रखने वाली कांग्रेस या किसी रणनीति के तहत मुस्लमि बहुत इलाका ओखला से खेल नहीं पा रही है। देरी कर रही है।या शायद कहीं ऐसा तो नहीं कि अमानत और शिफा को दबदबे को देखते हुए कांग्रेस का कोई चेहरा ओखला सीट को कबूल नहीं कर रहा।
गौरतलब है कि कांग्रेस ओखला से इशरत जहां को चेहरा बना सकती है।।।जोकि परवेज हाशमी की बहू हैं परवेज हाशमी ओखला से ही विधायक और दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री भी रहे हैं। अब उनकी बहू इशरत जहां को टिकट दिया जा सकता है। साथ ही ये भी हैरत की बात है कि आसिफ मोहम्मद खान पर कांग्रेस दांव खेलने में देरी क्यों कर रही है! हालांकि ये कांग्रेस को भी मालूम है कि शिफा उर रहमान और अमानतुल्लाह खान के बीच वोट बंटने जा रहे हैं।।।तो क्या इशरत जहां या आसिफ मोहम्मह को टिकट देकर अपनी पुरानी शाख को कांग्रेस चाहे तो जीवित कर सकती है। देखते हैं काग्रेस पार्टी कैसे इस पूरे मौके को भुनाती है।चेहरा कुछ ही दिनों में साफ हो जाएगा और नतीजे 8 फरवरी को।


