Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को करारा झटका लगा है। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को को एक-दो नहीं बल्कि सात झटके लगे हैं। सबसे पहले महरौली के विधायक नरेश यादव ने इस्तीफा दिया। इसके कुछ घंटे बाद ही जनकपुरी से विधायक राजेश ऋषि ने पार्टी छोड़ी फिर त्रिलोकपुरी से विधायक रोहित कुमार मेहरौलिया, कस्तूरबा नगर के विधायक मदन लाल, पालम विधायक भावना गौड़, आदर्श नगर विधायक पवन कुमार शर्मा और फिर बिजवासन से भुपेंद्र सिंह जून ने भी अपना इस्तीफा दे दिया।
आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसमें त्रिलोकपुरी विधायक रोहित महरौलिया, जनकपुरी विधायक राजेश ऋषि, कस्तूरबा नगर विधायक मदनलाल, पालम विधायक भावना गौड़, महरौली विधायक नरेश यादव, आदर्श नगर सीट से पवन शर्मा और बिजवासन सीट से विधायक बीएस जून का नाम शामिल है।
आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने वाले विधायकों ने अपने पत्र में कहा कि आम आदमी पार्टी जिस ईमानदार विचारधारा पर बनी थी, उस विचारधारा से पार्टी अब पूरी तरह भटक चुकी है। आम आदमी पार्टी की यह दुर्दशा देखकर मन बहुत दुखी है।
महरौली विधायक नरेश यादव ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा, आम आदमी पार्टी का उदय भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए, अन्ना आंदोलन से भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार को मुक्त करने के लिए हुआ था लेकिन अब मैं बहुत दुखी हूं कि भ्रष्टाचार आम आदमी पार्टी बिल्कुल भी कम नहीं कर पाई बल्कि आम आदमी पार्टी ही भ्रष्टाचार के दलदल में लिप्त हो चुकी है।
मैंने आम आदमी पार्टी ईमानदारी की राजनीति के लिए ही ज्वाइन की थी। आज कहीं भी ईमानदारी नजर नहीं आ रही है। मैंने महरौली विधानसभा में पिछले 10 सालों से लगातार 100 फीसदी ईमानदारी से काम किया है। महरौली के लोग जानते हैं कि मैंने ईमानदारी की राजनीति, अच्छे व्यवहार की राजनीति और काम की राजनीति की है। मैंने महरौली के बहुत से लोगों से चर्चा की, सभी ने यही कहा कि आम आदमी पार्टी अॅब पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुकी है। आपको इस पार्टी को छोड़ देना चाहिए क्योंकि इन्होंने लोगों के साथ धोखा किया है। कहते थे, कि हम ईमानदारी की राजनीति करेंगे लेकिन आज पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है।
दिल्ली की जनता जानती है कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है क्योंकि इन्होंने भ्रष्टाचारियों को ही पार्टी में शामिल कर लिया है। आम आदमी पार्टी में कुछ ही लोग ईमानदारी की राजनीति करने वाले बचे हैं। केवल उनसे मेरा प्यार व दोस्ती हमेशा रहेगी और अपनी महरौली की जनता का भी मैं दिल से आभार और धन्यवाद प्रकट करता हूं कि इन्होंने मुझे 10 सालों में बहुत प्यार और आशीर्वाद दिया है। महरौली विधान सभा और दिल्ली की प्यारी जनता से विनम्र निवेदन है कि आगे की ईमानदारी से समाज सेवा वाली राजनीति के लिए अपना आशीर्वाद और प्यार हमेशा मुझपर बनाये रखें। मैं आप सभी से वादा करता हूं कि हमेशा ईमानदारी की, अच्छे व्यवहार की और काम की राजनीति करता रहूंगा।
वहीं, कस्तूरबा नगर विधायक मदनलाल ने अपने इस्तीफे में लिखा कि मेरा आम आदमी पार्टी से भरोसा पूरी तरह से खत्म हो चुका है, इसलिए मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। त्रिलोकपुरी विधायक रोहित मेहरौलिया ने इस्तीफा देते हुए X पर लिखा कि जिन्हें बाबासाहब आंबेडकर की केवल फोटो चाहिए, उनके विचार नहीं। ऐसे मौका-परस्त और बनावटी लोगों से आज से मेरा नाता ख़त्म। मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा देता हूं।
पालम विधायक भावना गौड़ ने अपने इस्तीफे में साफ लिखा है कि उनका अब अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी में भरोसा नहीं रहा है। इसलिए वो इस्तीफा दे रही हैं। आदर्श नगर के विधायक पवन शर्मा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफे का एलान कर दिया है। पवन शर्मा ने इस्तीफे में लिखा है आम आदमी पार्टी ईमानदारी वाली विचारधारा से भटक गई है। पार्टी की दुर्दशा देखकर वो दुखी हैं।
इन सभी विधायकों के टिकट केजरीवाल ने काट दिए थे। मगर अब तक एकजुट दिख रही पार्टी अब पूरी तरह से बिखरती नजर आ रही है। चुनाव से पहले ही यहां इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। खबर लिखे जाने तक ही सातवां इस्तीफा भी आ गया है। आदर्श नगर के विधायक पवन शर्मा ने भी केजरीवाल का साथ छोड़ दिया है। ऐसा लग रहा है कि आम आदमी पार्टी के लिए ये चुनाव आखिरी कील साबित होने जा रही है।


