सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों (Maoist) के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन किया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर शुक्रवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों (Maoist) के बीच मुठभेड़ हुई है।
खबरों के अनुसार इस मुठभेड़ में 30 नक्सली (Maoist) मारे गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर नक्सलियों (Maoist) की उपस्थिति की सूचना मिलने पर सुरक्षाबल के जवानों को गश्ती के लिए भेजा गया था। जिसके बाद नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बड़ी संख्या में ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए हैं। अभी तक 28 शव बरामद किए जा चुंके है। 2 शवों की तलाश जारी है।
सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों (Maoist) के ट्रेनिंग कैंप में घुसकर 30 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया है। बता दें कि ट्रेनिंग कैंप में नक्सलियों (Maoist) की नई भर्ती को गुरिल्ला वार तकनीक सिखाने वाले दो ट्रेनर भी मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में सुरक्षाबल की कई टीम संयुक्त रूप से शामिल थीं।
जानकारी के मुताबिक जब सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंचे, तो नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। घटना पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। जवाबी कार्रवाई में 30 नक्सलियों के मारे गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस के सभी जवान सही सलामत है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों की वीरता को सलाम किया है। छत्तीसगढ़ में हुए मुठभेड़ को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, ‘नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबल के जवानों की नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 28 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। जवानों को मिली यह बड़ी कामयाबी सराहनीय है। उनके हौसले और अदम्य साहस को नमन करता हूं।‘
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा है, ‘नक्सलवाद के खात्मे के लिए शुरू हुई हमारी लड़ाई अब अपने अंजाम तक पहुंचकर ही दम लेगी, इसके लिए हमारी डबल इंजन सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य है।‘
बस्तर संभाग रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि 28 नक्सलियों (Maoist) के शव बरामद कर लिए गए हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने एक-47, एसएलआर समेत कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। इस मुठभेड़ में कई इनामी नक्सली मारे गए हैं।


