दिल्ली में 6 साल की बच्ची का अपहरण होता है। मलेशिया के नंबर से फिरौती मांगी जाती है। बच्ची को बिहार के रास्ते नेपाल ले जाने की प्लानिंग होती है। अपराध का ये जाल बुनने वाला कोई और नहीं, बच्ची का चाचा था।
एक 6 साल की बच्ची अपने घर से निकलती है, घर के पास जो दुकान थी, उसकी तरफ जाती है, लेकिन दुकान नहीं पहुंचती। बच्ची के घरवाले उसे तलाश करते हैं, लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चलता। बच्ची के माता-पिता यही समझ रहे थे कि शायद बच्ची भटकते हुए आस-पड़ोस में कहीं चली गई है। वो शाम 27 अगस्त की थी, वक्त साढ़े 8 बजे थे।
बच्ची के पिता उसे तलाश ही रहे थे कि उनके व्हाट्सएप पर मैसेज आता है। मैसेज करने वाले ने बच्ची के बदले फिरौती की रकम मांगी थी। बच्ची के घरवाले घबरा जाते हैं। वो पुलिस के पास पहुंचते हैं। आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई जाती है। रिपोर्ट लिखते ही पुलिस उस नंबर को ट्रेस करती है, जिससे फिरौती का मैसेज आया था। पता चलता है कि नंबर मलेशिया का था। पुलिस तफतीश में तो जुटी थी, लेकिन बच्ची तक पहुंचने के लिए उसे कई सवालों के जवाब तलाशने थे।
पुलिस सबसे पहले उस इलाके के तमाम सीसीटीवी खंगालती है, जहां से बच्ची लापता हुई थी। इस सबके बीच पुलिस की टीम उस मोबाइल नंबर की लोकेशन भी ट्रेस कर रही थी, जिसका इस्तेमाल किडनैपर्स कर रहे थे। पुलिस को पता चलता है कि अपराधियों की लोकेशन बिहार के सीतामढ़ी है।
दिल्ली पुलिस बच्ची के माता-पिता से बात करती है। वो बताते हैं कि उनका एक रिश्तेदार सीतामढ़ी का रहने वाला है। ये तफतीश का वो सिरा था, जिसके जरिए बच्ची तक पहुंचने की उम्मीद पैदा हुई थी। पुलिस बच्ची के चाचा कृष्णन तक पहुंचती है। पुलिस थोड़ा सख्त होती है तो कृष्णन टूट जाता है। वो कबूल करता है कि बच्ची के अपहरण का प्लान उसने, उसकी पत्नी शाहिदा और उसके साथी पिंटू, सुशील और सुनीता ने मिलकर बनाया था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में सारा सच उगल दिया। कृष्णन ने बताया कि उसकी पत्नी शाहिदा ने बच्ची को उठाने का काम किया था, इसके बाद बच्ची को पिंटू, सुशील और सुनीता को सौंप दिया गया, जो उसे बिहार ले गए थे। पुलिस को ये भी पता चला कि इनका प्लान बच्ची को नेपाल ले जाने का था। अपहरण करने वालों का प्लान था कि जब तक फिरौती के पैसे नहीं मिलते, तब तक वो बच्ची को नेपाल में ही रखते। लेकिन दिल्ली पुलिस के सही समय पर एक्शन लेने की वजह से अपराधी पकड़े गए और बच्ची को बचाया गया। पुलिस ने किडनैपर्स को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया।


