गाजियाबाद के (Yashoda Hospital) यशोदा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और कैंसर संस्थान (Yashoda Superspeciality Hospital & Cancer Institutes) ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने एक ही दिन में 9 सफल रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) करके न केवल तकनीकी दक्षता (Technical proficiency) का परचम लहराया, बल्कि आम मरीजों के लिए सुरक्षित, सटीक और सुलभ उपचार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस उपलब्धि ने यशोदा अस्पताल (Yashoda Hospital) को चिकित्सा जगत में एक नई पहचान दिलाई है।
रोबोट की मदद से की गई सर्जरी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का नेतृत्व वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. सुशील फोटेदार ने किया। उनके साथ डॉ. आयुष अग्रवाल और डॉ. (मेजर जनरल) नवदीप सेठी की विशेषज्ञ टीम ने मरीजों को 24 घंटे के भीतर बिना भारी दर्दनिवारक दवाओं के घर भेजकर एक नया मानक स्थापित किया। इन सर्जरी में मेडट्रॉनिक की अत्याधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड तकनीक (Robot-assisted technology) का उपयोग किया गया। जिससे ऑपरेशन को अत्यंत सटीक, कम दर्द वाला और शीघ्र रिकवरी योग्य बनाया। इस तकनीक ने सर्जरी के दौरान जटिलताओं को कम किया और मरीजों को तेजी से स्वस्थ होने में मदद की।
रोबोटिक सर्जरी में तेजी से होती है रिकवरी
यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा तकनीक में प्रगति का प्रतीक है, बल्कि मरीजों के प्रति अस्पताल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) के लाभ, जैसे कि कम रक्तस्राव, छोटे चीरे, और तेज रिकवरी, मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। यशोदा अस्पताल का यह प्रयास भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूचक है।
रोबोटिक सर्जरी हुई किफायती
रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery), जो अब तक अपनी उच्च लागत के कारण सीमित वर्ग तक ही पहुंच योग्य थी। अब यशोदा अस्पताल (Yashoda Hospital) के प्रयासों से आम जनता के लिए सुलभ हो रही है। यह उपलब्धि यशोदा हेल्थकेयर के अध्यक्ष डॉ. दिनेश अरोरा के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्य संचालन अधिकारी अजय चौधरी के कुशल प्रबंधन का परिणाम है। दोनों ने मिलकर उन्नत सर्जिकल तकनीकों को भारतीय परिवारों के लिए किफायती और पहुंच योग्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।


