AAP MLA Gurpreet Bassi Gogi Death: पंजाब में लुधियाना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी (Gurpreet Bassi Gogi) की गोली लगने से मौत हो गई। चुनाव से पहले उनकी मौत से राजनीति गलियारे में भी हलचल हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, गुरप्रीत गोगी की मौत रात के करीब 12 बजे हुई। बता दें कि गोगी बुड्ढा दरिया पर पार्टी के राज्यसभा सांसद संत बलवीर सिंह सीचेवाल समेत कई अन्य प्रोग्रामों में शामिल होने के बाद घर लौटे। इसके कुछ देर बाद अचानक से गोगी के कमरे से गोली चलने की आवाज आई, तो पत्नी, बेटा और नौकर कमरे में पहुंचे। जहां गोगी खून से लथपथ हालत में जमीन पर गिरे थे। इसके बाद परिजन और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो गई और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके परिवार वालों का कहना हैं कि उनकी घर में किसी भी तरह की कोई लड़ाई या झगड़ा नहीं हुआ था। डीसीपी जसकरण सिंह तेजा ने कहा कि परिवार के सदस्यों के अनुसार उन्होंने खुद को गलती से गोली मार ली।
वहीं सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोगी को अपनी ही लाइसेंसी पिस्टल से गोली लगी थी।इस मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।और जानने की कोशिश की जा रही है कि मामला आत्महत्या का है या फिर कुछ और।।।सूत्रों के माने तो, गोगी अपने रिवॉल्वर को साफ कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई।।।हालांकि, इस जानकारी अभी तक पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है।इस मामले को लेकर भले ही गुरप्रीत गोगी की पत्नी हिंसा या संघर्ष से इंकार किया है।लेकिन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डीसीपी जसकरण सिंह तेजा का इस मामले को लेकर मानना है कि परिवार के सदस्य इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यह एक हादसा था, जिसमें गोगी ने गलती से अपनी पिस्टल से गोली चला दी।लेकिन फिर भी इस घटना के बाद एक सवाल उठता है।क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना थी, या इसके पीछे कोई और कारण है?
गोगी की मौत पर राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि यह हमारे लिए बड़ी क्षति है।पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी सोशल मीडिया पर संवेदना प्रकट की। उन्होंने X पर लिखा, ‘पंजाब के लुधियाना पश्चिम से हमारे साथी और विधायक गुरप्रीत गोगी जी के निधन की खबर बेहद दुखद है’।
बात करें गुरप्रीत गोगी की राजनीतिक करियर की तो वह 23 साल तक कांग्रेस पार्टी में रहे, और इस दौरान उन्होंने कई जरूरी पदों पर भी काम किया। वह कांग्रेस के जिला प्रधान रहे और तीन बार नगर निगम के पार्षद भी चुने गए थे। इसके अलावा, कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन (PSIEC) का चेयरमैन भी बनाया गया था। लेकिन 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और आम आदमी पार्टी (AAP) जॉइन की। इसके बाद, पार्टी ने उन्हें लुधियाना पश्चिम से अपना उम्मीदवार बनाया, और उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार भारत भूषण आशु को हराकर विधानसभा चुनाव जीतने में सफलता हासिल की।


