Aarogya Maitri Aid Cube: भारतीय सेना ने 15000 फीट की ऊंचाई पर एक पोर्टेबल अस्पताल बनाया है। यह अपने किस्म का दुनिया का पहला अस्पताल है।
रक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से बनाए गए इस अस्पताल को आरोग्य मैत्री ऐड क्यूब (Aarogya Maitri Aid Cube) का नाम दिया गया है।
भारतीय सेना (Indian Army) और वायुसेना (Indian Air Force) ने हाल में इसे 15000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचाकर इतिहास रच दिया है।
पैराड्रॉप के लिए वायुसेना के विमान सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस का इस्तेमाल किया गया। इसका वजन 720 किलोग्राम है।
इस क्यूब अस्पताल (Aarogya Maitri Cube) को सिर्फ़ एक घंटे में फ़ील्ड में बनाया जा सकता है और इसमें सर्जरी सहित 200 मरीज़ों का इलाज किया जा सकता है।
इसे 72 हल्के मिनी क्यूब्स के रूप में आसानी से हवाई या ज़मीन से ले जाया जा सकता है और इसमें वेंटिलेटर, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सहित सभी ज़रूरी उपकरण मौजूद हैं।
पोर्टेबल अस्पताल में दो मास्टर क्यूब होते हैं, प्रत्येक में 36-36 मिनी क्यूब होते हैं।
क्यूब (Aarogya Maitri Cube) इसलिए तैयार किया गया है, ताकि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को ट्रॉमा केयर सर्विस दी जा सके और उनकी जान बचाई जा सके।
यह न सिर्फ़ भारत में बल्कि दूसरे देशों में भी दूरदराज के इलाकों में आपदाओं और आपात स्थितियों के समय गेमचेंजर साबित होगा।
भारत पोर्टेबल अस्पताल विकसित करने और उसे एयरड्रॉप करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
भारतीय वायुसेना ने कुछ समय पहले तेजी से तैनाती के लिए डिजाइन किए गए मोबाइल अस्पताल भीष्म क्यूब (Aarogya Maitri Cube) का आगरा में परीक्षण किया था।
इस प्रोजेक्ट को भीष्म ‘BHISHM‘ (Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita and Maitri) का नाम दिया गया है।


