ADR Report: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को वोटिंग है। ऐसे में बीजेपी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत सभी सियासी दल जमकर प्रचार अभियान में जुटे हैं। इन सब के बीच अब दिल्ली चुनाव में एक नई बहस छिड़ गई है। वो ये कि किस पार्टी ने सबसे ज्यादा दागी’ उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारा हैं।एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने हाल ही में एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, AAP ने चुनावी मैदान में आपराधिक मामलों वाले सबसे अधिक उम्मीदवारों को उतारा है। ये डेटा हर पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट का विश्लेषण करके तैयार किया गया है।
दिल्ली चुनाव में कुल 699 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें से 132 उम्मीदवारों (19%) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की घोषणा की है। इनमें से 81 उम्मीदवारों (12%) ने गंभीर आपराधिक मामलों एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की विस्तृत रिपोर्ट के का जिक्र किया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रहे 19 प्रतिशत उम्मीदवारों ने उनके खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। चुनावी और राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) ने यह जानकारी दी।
यह आंकड़ा 2020 के चुनाव की तुलना में थोड़ी गिरावट दर्शाता है जिसमें 20 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में आपराधिक मामलों की सूचना दी थी। एडीआर ने 699 उम्मीदवारों द्वारा उनके नामांकन पत्रों के साथ प्रस्तुत हलफनामों के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रहे 12 प्रतिशत उम्मीदवार गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनमें पांच या इससे अधिक साल की सजा वाले अपराध शामिल हैं। इन आरोपों में हत्या, हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 13 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले घोषित किए हैं, जबकि दो पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का आरोप है। पांच उम्मीदवारों पर आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप है। विश्लेषण के अनुसार, आम आदमी पार्टी (आप) के 63 प्रतिशत उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें से 41 प्रतिशत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस के 41 प्रतिशत उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें से 19 प्रतिशत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। तीनों प्रमुख दलों में भाजपा के उम्मीदवारों का आपराधिक मामलों का सामना करने का अनुपात सबसे कम है, जो 29 प्रतिशत है। भाजपा के 13 प्रतिशत उम्मीदवारों ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप घोषित किए हैं। दिल्ली की 70 विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और मतगणना आठ फरवरी को होगी।


