भारत ने अग्नि-4 (Agni-4) मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (Strategic Forces Command) की निगरानी में यह परीक्षण किया गया। स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड भारत के न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी का एक हिस्सा है।
डीआरडीओ (DRDO) ने इस इंटरमीडियट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल (Intermediate Range Ballistic Missile) का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित अब्दुल कलाम आइलैंड से किया है।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को किया गया यह परीक्षण सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल मानकों के हिसाब से कामयाब रहा है। अग्नि-4 का यह सफल परीक्षण भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी में बड़ा इजाफा है।
परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम यह मिसाइल एक टन वजन के हथियार ढो सकता है। 20 मीटर लंबी इस इस मिसाइल की मारक क्षमता 4000 किलोमीटर है। इस मिसाइल को रोड मोबाइल लॉन्चर से भी दागा जा सकता है।
शायद यही वजह है कि इस मिसाइल से भारत के दो पड़ोसी मुल्क चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) कांपते हैं।
दो साल बाद फिर यह परीक्षण किया गया है। इससे पहले 6 जून 2022 को इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था।
अग्नि सीरीज इस मिसाइल (अग्नि-4) को साल 2012 में पहली बार लॉन्च किया गया था। उस वक़्त मिसाइल ने महज 20 मिनट में 3000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की थी।
अपग्रेड होने से पहले इस मिसाइल को अग्नि-2 प्राइम (Agni Prime) के नाम से जाना जाता था।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा डिजाइन की गई अग्नि सीरीज में महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। जिसका नतीजा लंबी दूरी की अग्नि-5 (Agni-5) मिसाइल के विकास के रूप में सामने आया है।


