Arvind Kejriwal Documentary: दिल्ली चुनाव के बीच शनिवार को पूर्व सीएम और संजोयक आप अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘UNBREAKABALE’ की स्क्रीनिंग रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग दोपहर 12 बजे होनी थी। लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस ने AAP नेताओं के जेल जाने को लेकर बनी डॉक्यूमेंट्री चलाने पर रोक लगा दी है। ऐसे में अब इसे लेकर सियासी गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप की सियासत शुरू हो गई है। इस स्टोरी में जानते हैं आखिर क्यों केजरीवाल पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर रोक लगाई गई है? साथ ही इस पर क्या सियासत शुरू हो गई है।
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की इजाजत न देने का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस द्वारा इजाजत न मिलने की वजह से डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को रद्द करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया था कि अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद पार्टी कैसे चल रही थी, और उनके बाहर आने के बाद क्या-क्या हुआ?
वहीं, इस मामले में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर थिएटर मालिकों को धमकाने का आरोप लगाया है। AAP का कहना है कि स्क्रीनिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के थिएटर मालिकों को धमकाया गया है। इतना ही नहीं पार्टी का आरोप है कि बीजेपी के कहने पर ही दिल्ली पुलिस ने स्क्रीनिंग की इजाजत नहीं दी है। डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग रद्द होने की खबर देते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा, ‘हमें आपको यह बताते हुए बहुत खेद हो रहा है कि दिल्ली पुलिस ने आज हमारे द्वारा रिलीज़ की जा रही डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। दुर्भाग्य से हमें इसे रद्द करना पड़ रहा है, लेकिन हम इसे फिर से शेड्यूल करेंगे और हम इसे किसी भी कीमत पर रिलीज़ करेंगे। हम आपको इस बारे में सूचित करते रहेंगे। असुविधा के लिए खेद है।’
उधर, आम आदमी पार्टी के आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने भी एक बयान जारी कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने खुद पर लगे बयानों को खारिज करते हुए कहा है कि इस आयोजन के लिए DEO कार्यालय से कोई इजाजत नहीं ली गई थी। दिल्ली पुलिस ने कहा, ‘चूंकि चुनाव घोषित हो चुके हैं, इसलिए राजनीतिक दलों को डीईओ कार्यालय (यानी डीएम कार्यालय) में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। चुनाव के दौरान यह एक मानक प्रक्रिया है। उक्त आयोजन के लिए ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई थी और इसलिए यह दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा। हम सभी दलों से इस समय चुनाव नियमों और विनियमों का पालन करने का आग्रह करते हैं।’


