दिल्ली की Atishi सरकार ने आंदोलन कर रहे बस मार्शलों को दिवाली के मौके पर बड़ा तोहफा दिया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री Atishi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा- “दिल्लीवालों के बेटे अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर अपना वादा निभाया है। भाजपा ने जिन बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को नौकरी से निकाल दिया था, दिल्ली सरकार उन्हें दोबारा बहाल कर रही है।”
सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा, “आने वाले 4 महीनों में उन्हें प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कामों में लगाया जाएगा। सभी बस मार्शल्स को बधाई। उनसे यह भी वादा है कि 4 महीने के बाद भी उनको स्थायी तौर पर रोजगार देने का रास्ता निकाला जाएगा। आज अरविंद केजरीवाल जी ने दिखा दिया कि किसी-ना-किसी तरीके से वो दिल्लीवालों के काम करवा कर ही चैन लेते हैं।”
सौरभ भारद्वाज ने जारी किया वीडियो संदेश
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि बस मार्शलों का संघर्ष रंग लाया है। अब चार महीने उनको प्रदूषण के खिलाफ रोजगार दिया जाएगा और जब तक वो बस मार्शल की तरह बहाल नहीं होते हम बीजेपी की केंद्र सरकार को चैन नहीं लेने देंगे।
वीडियो संदेश में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चार महीने को रोजगार आपका पक्का होगा। अरविंद केजरीवाल का वादा है कि आपको वापस नौकरी दिलवाएंगे, जिस तरह से षड्यंत्र करके बीजेपी की केंद्र सरकार ने आपको हटाया है। उस षड्यंत्र को खत्म करके आपके घर खुशियां वापस लौटाएंगे।
दिल्ली के LG ने Atishi को लिखा पत्र
दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री Atishi को पत्र लिखा है। LG ने पत्र में लिखा कि डीपीसीसी ने पर्याप्त प्रवर्तन तंत्र की कमी के बारे में जानकारी दी है, जो सीएक्यूएम और राज्य सरकार तथा अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा लागू किए गए। सिविल डिफेंस वालंटियर्स को चार महीने के लिए वायु प्रदूषण शमन गतिविधियों के लिए नियुक्त करें।
BJP ने LG का जताया आभार
बीजेपी ने इस फैसले के लिए दिल्ली के LG का आभार जताया है। दिल्ली बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट कर लिखा कि दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना जी का हार्दिक आभार। विजेंद्र गुप्ता ने लिखा कि मुख्यमंत्री आतिशी से अपील है कि बस मार्शलों बहाली के आदेश का पालन करें।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन बसों में 10 हजार बस मार्शलों की बहाली का मुद्दा गरमाया हुआ है। मार्शलों को नवंबर 2023 में उनके पद से हटा दिया गया था। आम आदमी पार्टी ने इस फैसले का विरोध किया था। बस मार्शलों के प्रदर्शन में आप के नेता भी शामिल हुए थे। हाल ही में दिल्ली की सीएम आतिशी ने उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना से मुलाकात के बाद बस मार्शलों की बहाली के लिए एक कैबिनेट नोट सौंपा था।


