उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich) जिले में रविवार को हुई हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। हिंसा प्रभावित इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है और बड़ी तादाद में सुरक्षा बालों की तैनाती की गई है।
आपको बता दें कि बहराइच (Bahraich) जिले में महसी तहसील के हरदी इलाके में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान राम गोपाल मिश्रा नाम के एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई।
युवक की मौत के विरोध में सोमवार सुबह से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। पुलिस के समझाने के बावजूद लोग शांत नहीं हुए और भीड़ ने आगजनी शुरू कर दी।
उत्तेजित भीड़ ने कई दुकानों, घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
पथराव और गोलीबारी में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं। हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने एक शख्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है और करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है।
लखनऊ से एसटीएफ चीफ और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश भी बहराइच पहुंच गए हैं। उन्होंने आगजनी कर रही भीड़ को पहले रोका, लेकिन भीड़ नहीं मानी तो एडीजी ने हाथ में पिस्टल लेकर खदेड़ दिया।
बहराइच (Bahraich) की पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने घटना की जानकारी देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि समुदाय से लोग आएं, बैठकर बात करें, तभी समाधान निकलेगा।
बहराइच हिंसा (Bahraich) मामले पर सरकार और विपक्ष ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस हिंसा में शामिल लोगों से कड़ाई से निबटा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है- “जनपद बहराइच के महसी में माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी को सुरक्षा की गारंटी, लेकिन उपद्रवियों और जिनकी लापरवाही से घटना घटी है, ऐसे लोगों को चिह्नित कर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।”
सीएम ने कहा- “प्रतिमा विसर्जन जारी रहेगा। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को मौके पर उपस्थित रहकर धार्मिक संगठनों से संवाद कर समय से प्रतिमा विसर्जन कराने हेतु निर्देशित किया है।”
हालांकि, विपक्ष ने की राज्य कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
समाजवादी पार्टी ने कहा है कि दंगा फसाद और तनाव ही बीजेपी का शासन और सत्ता मॉडल है, जो अब यूपी की योगी सरकार राज्य में अपना रही है।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रशासन की निष्क्रियता को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।


