Bihar Elections: इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में अभी से भी सभी राजनीतिक दलों में सीटों को लेकर अपनी तोल-मोल तेज कर दी हैं। इसी बीच महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने इशारों में सीटों की मांग कर राजद-कांग्रेंस की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, मुकेश सहनी ने VIP के लिए इस बार कम से कम 40 सीटों की मांग की है। बीते दिन सीवान में एक कार्यक्रम के दौरान मुकेश सहनी ने कहा कि पिछली बार उनकी पार्टी के चार विधायक चुने गए थे, लेकिन इस बार उनका लक्ष्य 40 विधायकों को विधानसभा तक पहुंचाना है। उनके इस बयान से महागठबंधन के भीतर राजनीतिक खींचतान बढ़ सकती है।
मुकेश सहनी के इस बयान के बाद मतलब साफ है कि अगर उनकी पार्टी को 40 से ज्यादा सीटें मिली तो लड़ेंगे। बता दें कि मुकेश सहनी उस श्रेणी में आते हैं जिनका विधान सभा या लोक सभा चुनाव में 100 फीसदी स्ट्राइक रेट रहा हो। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सामने सीटों की हिस्सेदारी तो चुनौती है ही, लेकिन मुकेश सहनी ने सिवान में यह कहकर टेंशन बढ़ा दी है कि मुकेश सहनी टिकट मांगने वालों में से नहीं बल्कि, टिकट बांटने वालों में से हैं।
ऐसे में अब मुकेश सहनी के इन मांगों के बाद से बिहार की राजनीति में हलचल और भी बढ़ने के आसार हैं। एक तरफ महागठबंधन में पहले से ही सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है, अब ऐसे में उनकी 40 सीटों की मांग गठबंधन में तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब तेजस्वी चौंके हैं, इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी यह कहकर कि कांग्रेस 2020 में जितनी सीटों पर चुनाव लड़ी थी उससे कम सीटों पर 2025 में भी नहीं लड़ेगी। यानी 70 विधान सभा पर दावा ठोक दिया। जबकि पिछले कुछ विधान सभा चुनाव की बात करें तो धीरे-धीरे जीत का मार्जिन घटा ही है।
गौरतलब है कि साल 2015 के बिहार विधानसभा में कांग्रेस को 40 सीटें मिली, जिसमें से उसने 27 पर जीत हासिल की। इसी तरह साल 2020 में पार्टी 70 सीटों पर लड़ी जरूर पर जीत सकी महज 19 सीटें। कांग्रेस 70 प्रतिशत सीटों की दावेदारी का आधार लोकसभा चुनाव 2024 के प्रदर्शन को बना रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस 9 सीटों पर लड़ी थी और तीन सीटों पर चुनाव जीत हासिल की थी।
उधर, एनडीए में भी दावेदारी का खेल शुरू हो चुका है। खेल में एनडीए की तरफ से सबसे पहले जनता दल यू (JDU) ने अपने दावे का इजहार किया था। तब जनता दल यू की तरफ से हर हाल में 120 सीटों पर तो लड़ने की बात आई थी। मिली जानकारी के अनुसार आगामी विधान सभा चुनाव 2025 राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लक्ष्य आधारित चुनाव है। इस लक्ष्य के अनुकूल नीतीश कुमार राज्य में नंबर वन पार्टी बनना चाहते हैं, बल्कि 2010 में मिली 115 सीट के लिमिट को भी पार करना चाहते हैं। इसके लिए कम से कम 120 सीट पर लड़ना जरूरी है। जेडीयू के इस दावे पर लोकसभा चुनाव परिणाम की छाप भी है। लोकसभा चुनाव 2024 में जेडीयू का मानना था कि उनका स्ट्राइक रेट बीजेपी से ज्यादा है। जबकि बीजेपी 17 लोकसभा पर चुनाव लड़ी और 12 पर जीत दर्ज की। चुनाव में जेडीयू 16 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 सीटों पर जीती थी। नतीजों के बाद नीतीश कुमार के मिशन 130 की चर्चा के साथ एनडीए में शामिल दल अभी से ही सचेत हो गए हैं।
उधर, लोजपा (आर) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने तो अलग मोर्चा खोल रखा है। लोकसभा में 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट को आधार मानते चिराग पासवान ने पहले ही हर जिले में एक सीट पर चुनाव लड़ने की बात सार्वजनिक कर दी है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी अपना इरादा प्रकट कर दिया है। उपेंद्र कुशवाहा ने तो यह सार्वजनिक मंच से कहा कि विधान सभा में लोकसभा चुनाव का गणित नहीं चलेगा। हम के संस्थापक अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी 40 सीटों पर लड़ने की बात कही है।


