मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) नहीं रहीं। 72 साल की उम्र में मंगलवार को उनका निधन हो गया।
शारदा सिन्हा की तबीयत खराब थी जिसकी वजह से उन्हें पिछले दिनों दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। कुछ सप्ताह पहले ही उनके पति ब्रज किशोर सिन्हा का निधन हुआ था। पति के निधन से वह गहरे सदमे में चली गईं, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और भी बढ़ गईं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने अपनी 54वीं सालगिरह मनाई थी।
शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) के पुत्र अंशुमान सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की जानकारी दी। अंशुमान सिन्हा ने पोस्ट किया है- “आप सब की प्रार्थना और प्यार हमेशा मां के साथ रहेंगे। मां को छठी मईया ने अपने पास बुला लिया है। मां अब शारीरिक रूप में हम सब के बीच नहीं रहीं।”
छठ पर्व के दौरान अपने दिल को छू लेने वाले गीतों के लिए मशहूर शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) को ‘बिहार कोकिला’ भी कहा जाता है। 1 अक्टूबर 1952 को बिहार के समस्तीपुर में जन्मीं शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) का करियर 1980 के दशक में ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन से शुरू हुआ। हालाँकि, छठ पर्व के गीतों से वे घर-घर में मशहूर हो गईं।
शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) 60 से अधिक छठ के गानों को अपनी आवाज दे चुकी हैं। शारदा सिन्हा ने ‘कहे तोसे सजना’ जैसे बॉलीवुड गानों को भी अपनी आवाज दी है। उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्मों में गाने गाए हैं। भारत सरकार ने शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) को पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
पीएम ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया है- “सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं। आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया- “श्रीमती शारदा सिन्हा जी के निधन से मुझे अत्यंत दुख हुआ है। वे एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी लोक गायिका थीं जिन्होंने भोजपुरी भाषा को जन-जन के बीच लोकप्रिय बनाया। उनके गीतों को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उनके निधन से लोक संगीत की दुनिया ने एक प्रभावी स्वर खो दिया है। दुःख की इस घड़ी में मैं उनके शोकाकुल परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ॐ शान्ति!”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया- “अपनी मधुर आवाज़ से पाँच दशकों से अधिक समय तक भारतीय संगीत को नई ऊँचाई देने वाली शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूँ। बिहार कोकिला के रूप में प्रसिद्ध शारदा सिन्हा जी ने मैथिली और भोजपुरी लोकगीतों को जन-जन का कंठहार बनाया और पार्श्व गायिका के रूप में फिल्म जगत को मंत्रमुग्ध करतीं रहीं। पूर्वांचल के लोक संस्कार उनकी आवाज़ के बिना अधूरे लगते हैं। इस छठ महापर्व पर उनका स्वर भक्तों को निश्चय ही और भी भावुक करेगा। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिजनों के साथ हैं। छठी मैया दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शांति।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया है- “प्रख्यात लोक गायिका, पद्म भूषण डॉ. शारदा सिन्हा जी का निधन अत्यंत दुःखद व संपूर्ण संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उन्होंने अपने उत्कृष्ट पारंपरिक गायन के माध्यम से मैथिली, भोजपुरी सहित अनेक लोक भाषाओं और लोक संस्कृति की सेवा की तथा राष्ट्रीय पटल पर उन्हें सम्मान दिलाया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा उनके शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति! “


