Nitish Kumar News: पहले कोई लड़की कपड़ा पहनती थीं जी, अब कितना बढ़िया हो गया, सब कितना अच्छा कपड़ा पहन रहीं हैं और बोलती कितना बढ़िया हैं। ये शब्द हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के। बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें नीतीश ये बोलते दिखाई पड़े। बस फिर क्या था, छिड़ गया सियासी घमासान। नीतीश के बचाव में ढ़ाल लेकर NDA के साथी उतर गए तो उसी ढ़ाल को भेदने के लिए तेजस्वी यादव ने नीतीश को लपेटे में ले लिया। सवाल ये है कि बिहार चुनाव से पहले प्रगति यात्रा को लेकर जीविका दीदीयों से यानी महिलाओं से बात करते हुए नीतीश का महिलाओं को ही असहज करने वाला बयान सामने आया, क्या नीतीश को इसका नुकसान देखने को मिलने वाला है, नीतीश ने इससे पहले भी जाने-अनजाने महिलाओं के लिए बिहार विधानसभा में कुछ ऐसा बोला था कि घमासान मच गया उन्हें मांफी भी मांगनी पड़ी, चलिए समझते हैं क्या है ये पूरा मामला, आखिर नीतीश ने क्यों कहा कि पहले कोई लड़की कपड़ा नहीं पहनती थी!
नीतीश कुमार के हाथों में भलाई की रेखा ही नहीं है। कहते कुछ हैं, सोचते कुछ हैं और हो कुछ और जाता है। प्रगति यात्रा कर रहे थे। बेगूसराय में थे। कहां एक तरफ आधी आबादी के बिनाह पर 2005 से बिहार की कुर्सी पर ससम्मान बैठने वाले नीतीश लगातार महिलाओं के मामले में ट्रोल हो रहे हैं। चलिए थोड़ा पहले से बताते हैं। नीतीश बिहार में महिला संवाद यात्रा कर रहे थे। लेकिन लालू यादव ने कह दिया कि नीतीश नैन सेंकने जा रहे हैं। बयान सनसनी बन गई। नतीजा ये कि नीतीश ने रैली का नाम ही बदल दिया। महिला संवाद यात्रा से प्रगति यात्रा नाम रख दिया। इससे पहले भी शादी शुदा महिला और पति-पत्नी के संबंधों को लेकर नीतीश ने बयान दिया था। नीतीश ने वुमन अवेयरनेस की बात कहनी चाही थी। जागरूकता पर बात कहना चाहते थे, लेकिन बोल गलत ढंग से गए सो बुरा लपेटे गए। मांफी भी मांगनी पड़ी। हालिया बयान में नीतीश कह रहे हैं कि पहले लड़की कपड़ा पहनती थी जी…नहीं ना, अब देखिए कि कितना अच्छा कपड़ा पहन रहीं हैं और बोलती कितना बढ़िया हैं…नीतीश बोलना तो विकास पर चाहते थे, लेकिन मतलब कुछ और निकला गया। इसलिए ही उर्दू के शायर वसीम बरेलवी कहते हैं कि –
‘कौन सी बात कहां, कैसे कही जाती है
ये सलीक़ा हो, तो हर बात सुनी जाती है’
उनके बयान के बाद, दूसरी तरफ एनडीए नेता उनका बचाव कर रहे हैं। इसी कड़ी में बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि ये अपना-अपना नजरिया है। नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए काम किया है। आज सचमुच बिहार की महिलाएं अच्छी दिखती हैं।
बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को गरीबी से बाहर निकाला है। अब महिलाएं अच्छे कपड़े पहनने की ताकत रखती हैं सज के दिखती हैं। इसको कोई अगर अन्यथा देखता है तो वैसे लोगों के आंख में पाप है। नीतीश कुमार एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने महिलाओं के लिए बहुत सेवा की है. उन्हें गरीबी से बाहर निकाला है. उनको छत, पानी, बिजली दी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की नजरिए में पाप हैं ऐसे लोगों से इस राज्य की जनता को परहेज करना पड़ेगा।
वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार का वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर शेयर करते हुए निशाना साधा था। उन्होंने लिखा, “पहले बिहार की बेटियां कपड़े ही नहीं, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सम्मान भी पहनती थीं नीतीश कुमार। ‘स्त्री परिधान वैज्ञानिक मत बनिए। आप 𝐂𝐌 हैं 𝐖𝐨𝐦𝐞𝐧 𝐅𝐚𝐬𝐡𝐢𝐨𝐧 𝐃𝐞𝐬𝐢𝐠𝐧𝐞𝐫 नहीं। स्त्री परिधान विशेषज्ञ बनकर अपनी घटिया सोच का प्रदर्शन बंद कीजिए। ये बयान नहीं, बिहार की आधी आबादी का सीधा अपमान है।”
अब इस बयान के बाद बिहार की सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है। नीतीश कुमार को फिर से लेनी की देनी पड़ती दिखाई दे रही है। कह कुछ रहे थे। मुंह से कुछ और निकला और और मतलब कुछ और निकला गया। जिसके बाद लगातार नीतीश बाबू ट्रोल हो रहे हैं। महिलाओं वोट को साधने की ये रणनीति और ये यात्रा कहीं नीतीश कुमार को भारी न पड़ जाए, नीतीश कुमार यही चाहेंगे।


