Bomb Threat: देश की राजधानी दिल्ली में अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आज दिल्ली के 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
दिल्ली पुलिस की टीम स्कूल पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली के डीपीएस, जीडी गोयनका मैनेजमेंट स्कूल और मदर मैरी स्कूल जैसे कई मशहूर स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सुबह मिली जानकारी के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच की और एक बयान जारी किया है।
फिरौती में मांगा गया 30 हजार डॉलर
दिल्ली पुलिस के मुताबिक धमकी से जुड़े मेल में 30 हजार डॉलर की मांग की गई थी। धमकी भरा मेल मिलने के बाद छात्रों को वापस घर भेज दिया गया है। फायर डिपार्टमेंट और दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि आज दिल्ली में 40 से अधिक स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
मेल में लिखा गया है कि मैंने स्कूल इमारतों के अंदर कई बम लगाए हैं। बम छोटे हैं और बहुत अच्छी तरह से छिपाए गए हैं। इससे इमारत को ज्यादा नुकसान नहीं होगा, लेकिन बमों के फटने से कई लोग घायल हो जाएंगे। अगर मुझे 30 हजार डॉालर नहीं मिले तो मैं बम विस्फोट कर दूंगा। दिल्ली पुलिस के मुताबिक स्कूलों को धमकी भरा मेल 8 दिसंबर की रात 11 बजकर 30 मिनट पर किया गया था। स्कूल ने सुबह पुलिस को इस मेल की जानकारी दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।
अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह से मांगा जवाव
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए है। पूर्व सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दिल्ली वालों ने दिल्ली में कानून व्यवस्था की इतनी बुरी हालत पहले कभी नहीं देखी थी। अमित शाह जी को सामने आकर दिल्ली वालों को जवाब देना चाहिए।

पहले भी मिल चुकी है बम से उड़ाने की धमकी
आपको बता दें कि दिल्ली में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी पहले भी मिल चुकी है। दिल्ली के स्कूल, एयरपोर्ट, होटल और अन्य जगहों पर बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। कुछ समय पहले ही दिल्ली के रोहिणी में एक प्राइवेट स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पुलिस की छानबीन में एक धमकी अफवाह निकली। हालांकि दिल्ली पुलिस इस तरह के मामलों की बेहद गंभीरता से जांच करती है। दिल्ली पुलिस जांंच में जुट गई है कि मेल करने के पीछे कौन है? स्कूलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई और ज्यादातर स्कूलों के बच्चों को घर भेज दिया गया है।


