Budget 2025: आज बजट 2025 में देश की वित्त मंत्री निर्मला सितारमण ने किसानों के लिए कई घोषणाएं की हैं, जो भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती हैं। इस बार के बजट में किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। सरकार ने कृषि क्षेत्र की उन्नति के लिए अलग-अलग पहलुओं पर ध्यान दिया है, जिससे किसानों को आसानी से कर्ज मिल सके, उत्पादन बढ़ सके, और वो आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर हो सकें।पहले बात करते हैं प्रधानमंत्री धनधान्य योजना की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2025 में एक ज़रूरी योजना की घोषणा की है, जिसे “प्रधानमंत्री धनधान्य योजना” के नाम से जाना जाएगा। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराना है। इसके तहत किसानों को कृषि को अपने काम के लिए Financial help दी जाएगी। इससे न केवल उनके उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि वो कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को भी अपना सकेंगे। ये योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री धनधान्य योजना के साथ किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट में भी बदलाव किया गया है।इस बजट में किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट जो पहले 3 लाख रुपये थी उसे अब बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब किसानों को ज़्यादा रकम का कर्ज आसानी से मिल सकेगा और ये कर्ज सस्ते ब्याज दरों पर मिलेगा, जिससे किसानों के लिए Agricultural Operations में निवेश करना आसान हो जाएगा। इससे खासकर छोटे किसानों के लिए फायदामंद साबित होगा, जो पहले बड़े कर्ज के लिए संघर्ष करते थे।
खबर में आगे बढ़ते हैं इस बार के बजट में कपास किसानों के लिए भी खास पैकेज का ऐलान किया गया है। कपास उत्पादन में भारी गिरावट आने की वजह से किसानों को नुकसान हो रहा था। इस बजट में कपास किसानों के लिए एक पांच साल का पैकेज घोषित किया गया है। इस पैकेज के तहत किसानों को सस्ती दरों पर कर्ज मिलेगा और उनके लिए एक समग्र विकास योजना बनाई जाएगी, ताकि वो अपने उत्पाद को बाजार में बेहतर कीमत पर बेच सकें। इसके अलावा, कपास उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके साथ ही असम में यूरिया उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बजट में एक घोषणा की गई है। यहां एक यूरिया प्लांट लगाया जाएगा, जिसकी सालाना क्षमता 12।7 लाख मीट्रिक टन होगी। इस प्लांट से देश में यूरिया की कमी को दूर किया जाएगा और किसानों को अब सस्ते में Fertilizer मिलेगा। ये कदम देश में खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। साथ ही, Local Farmers को यूरिया मिलने की सहूलियत होगी।
इस बजट 2025 में मखाना किसानों के लिए भी अहम घोषणाएं की गई हैं। मखाना उत्पादन में भारत का बड़ा योगदान है, और इसके उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा। इससे मखाना किसानों को बाजार में एक स्थिर कीमत मिलेगी और वो अपने उत्पाद को बेहतर तरीके से बेच सकेंगे। ये कदम मखाना किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि इससे उनकी आय बढ़ेगी। मखाना उत्पादकों के लिए सरकारी समर्थन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में नया निवेश होगा।
भारत में खाद्य तेलों का आयात बढ़ता जा रहा है, जो देश के चिंता का विषय है। इस पर काबू पाने के लिए, सरकार ने 6 साल के मिशन का ऐलान किया है, जिसके तहत खाद्य तेलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य देश में खाद्य तेल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए स्वदेशी उत्पादन को बढ़ाना है। इससे किसानों को नई मार्केट मिलेंगी और देश में खाद्य तेल की उपलब्धता में आत्मनिर्भरता आएगी। ये न केवल किसानों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।। बजट 2025 के तहत सरकार ने ये भी घोषणा की है कि कृषि योजनाओं का लाभ लगभग 1।7 करोड़ किसानों को मिलेगा। इसमें अलग-अलग योजनाओं के तहत ऋण, सहायता और तकनीकी सहायता शामिल है। ये घोषणा किसानों के लिए बड़ी राहत की वजह बन सकती है क्योंकि इससे उनके आर्थिक संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।
पहले के बजट में भी कृषि के लिए योजनाएं घोषित की जाती थीं, लेकिन 2025 का बजट किसानों के लिए खास रूप से उनके फायदे के लिए तैयार किया गया है। पहले, किसानों को कर्ज की ऊंची दरों और सीमित ऋण सीमा का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस बार कर्ज की लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है, और यह कर्ज सस्ते ब्याज पर उपलब्ध होगा। इसके अलावा, कृषि में नई तकनीकों को लागू करने, उत्पादन बढ़ाने और विशेष पैकेजों का ऐलान किया गया है जिसे अब देश के अन्न दाता को कोई परेशानी नहीं होगी।बजट 2025 में सरकार ने किसानों के हित में कई घोषणाएं की हैं, जो कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों को आर्थिक रूप से बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती हैं।


