गुजरात के कच्छ की तरफ बढ़ रहा समुद्री तूफान असना अब अपना रास्ता बदल चुका है। अरब सागर में उठा यह तूफान पड़ोसी देश पाकिस्तान और ओमान की तरफ मुड़ गया है। इससे पहले आशंका जताई जा रही थी कि 31 अगस्त तक असना चक्रवात गुजरात के तटों से टकराएगा।
भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि चक्रवाती तूफान असना (ASNA) 31 अगस्त को अरब सागर के उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम में स्थित है, जो नलिया से 360 किलोमीटर पश्चिम, कराची से 260 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, पसनी से 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और मस्कट से 720 किमी पूर्व में है। 1 सितंबर की सुबह तक इसकी तीव्रता बनी रहने और 2 सितंबर की सुबह तक कमजोर होने की उम्मीद है।
गुजरात में इस तूफान के किसी नुकसान कि संभावना भले ही कम हो गई हो लेकिन स्थानीय प्रशासन ने किसी भी हालात से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। कच्छ के जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इसके अलावा झोपड़ियों और मिट्टी के घरों में रहने वाले लोगों को अन्य इमारतों में शरण लेने को कहा गया है।
48 साल बाद अगस्त में अरब सागर में तूफान
अगस्त के महीने में अरब सागर में तूफान बनने की घटना अपने आप में बहुत दुर्लभ है। साल 1976 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब अगस्त के महीने में अरब सागर में तूफान बना है। यानी 48 साल के बाद अरब सागर में अगस्त के महीने में कोई चक्रवात बन रहा है।
जानिए इस तूफान के नाम का मतलब
इसका चक्रवात को ‘असना’ नाम पाकिस्तान ने दिया है। उर्दू में ‘असना’ का मतलब होता है – स्वीकार या प्रशंसा किया जाने वाला। यानि जिसकी तारीफ की जाए।
विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को क्षेत्र विशेष के नियमों के अनुसार नाम दिया जाता है। अटलांटिक और दक्षिणी गोलार्द्ध (हिंद महासागर और दक्षिणी प्रशांत) में चक्रवातों को वर्णमाला क्रम में नाम दिया जाता है तथा महिला और पुरुषों के नाम बारी बारी से रखे जाते हैं।
चक्रवातों का नामकरण करने का मकसद लोगों को तूफ़ानों के बारे में आसानी से बताना और याद रखना होता है. चूंकि संख्याओं और तकनीकी शब्दों की तुलना में नामों को याद रखना ज्यादा आसान है, इसलिये चक्रवातों को नाम दिया जाता है ताकि चेतावनी संदेशों में उन्हें तुरंत पहचानने में मदद मिले।


