देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में हवा के साथ पानी भी ‘जहरीला’ हो गया है। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है, वहीं यमुना नदी की सतह पर सफेद झाग नजर आ रहे हैं।
सर्दियों के करीब आते ही दिल्लीवासियों को आज सुबह सर्द हवाओं का सामना करना पड़ा। दिल्ली (Delhi) में शनिवार को AQI बेहद खराब श्रेणी में पहुँच गया।
शनिवार सुबह अक्षरधाम और आसपास के इलाकों में धुंध की एक परत छा गई, जिससे इलाके का AQI 334 तक पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी है।
दूसरी तरफ, दिल्ली (Delhi) में यमुना नदी सफेद झाग की मोटी परत से ढंकी हुई दिखाई दी। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे वीडियो में नदी के बड़े हिस्से में झाग दिखाई दे रहा है, जो पानी के ऊपर बादलों जैसा लग रहा है।
अब जब दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहार नजदीक हैं, दिल्ली में हवा और पानी के ऐसे हालात से लोगों की सेहत को खतरा है।
प्रदूषण पर सियासत तेज
राजधानी (Delhi) में हवा-पानी के हालात पर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस ने दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी AAP पर निशाना साधा है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता की बदतर होती स्थिति पर कहा, “दिल्ली एक तरह से गैस चैंबर बन गई है। सांस लेना मुश्किल है और AQI लगातार बढ़ रहा है…यमुना नदी में झाग है। हवा हो या पानी, सब प्रदूषित है। AAP की प्रदूषित राजनीति की वजह से…गोपाल राय बैठकें कर रहे हैं। पंजाब के सीएम भगवंत मान पंजाब में पराली जलाने के लिए किसी और को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं…उन्होंने पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है…पैसा भ्रष्टाचार पर खर्च किया जा रहा है…”
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा- “प्रदूषण बढ़ रहा है लेकिन UP, हरियाणा, राजस्थान और केंद्र की बीजेपी की सरकार सो रही हैं। प्रदूषण बढ़ रहा है और बीजेपी कुछ करने को तैयार नहीं है। कोई उनसे सवाल नहीं कर रहा और दूसरी तरफ बीजेपी के नेता नौटंकी कर रहे हैं। प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। हम सभी को मिलकर काम करना होगा।”
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा और AAP की जंग के कारण दिल्ली की आबोहवा ज़हरीली हो गई है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में 7 अक्टूबर से धूल प्रदूषण के खिलाफ एंटी डस्ट अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक 523 टीमों ने 2764 निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया है और 17.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
एंटी डस्ट अभियान की ग्रीन वॉर रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। निर्माण स्थलों पर धूल से संबंधित 14 नियमों को लागू करना जरूरी है, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।


