Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। इस बार के जहां आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party)अपनी सत्ता बचाने में जुटी है। तो वहीं, बीजेपी (BJP) का कहना है कि इस बार हम दिल्ली में बड़ा उलटफेर करेंगे। इस बीच बीजेपी सांसद मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने एक बड़ा दावा किया है।
बताते चलें कि दिल्ली की राजनीति में मुस्लिम बहुल सीटें बेहद अहम भूमिका निभाती रही हैं। इन सीटों पर दावा करते हुए तिवारी ने कहा कि मुस्लिम सीटों पर बीजेपी की जीत किसी को चौंकाएगी नहीं। लोग अब धर्म और जाति से ऊपर उठकर विकास के मुद्दों पर वोट देने लगे हैं। यह बदलाव पीएम मोदी की गारंटी और उनकी योजनाओं की वजह से आया है। साथ ही वो कहते हैं, ‘अगर हम इस बार दिल्ली की सभी 70 सीटें जीत लें, तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
मनोज तिवारी ने कहते हैं, ‘दिल्ली के लोग काफी समय से इंतजार में थे कि पीएम मोदी कुछ कहें या उनकी तरफ से गारंटी मिले। अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कह दिया है, तो उनकी गारंटी का मतलब है कि गारंटी पूरी होने की गारंटी है। पीएम मोदी की गारंटी के बाद अगर हम सारी मुस्लिम सीटें भी जीत लें, तो आपको हैरानी नहीं होनी चाहिए।’
साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी जो वादा करती है, उसे पूरा भी करती है और जो वादा कर सकती है, वही करती है। जब बीजेपी ने यह कहा कि हम हर महिला को 2500 रुपये महीना देंगे, गर्भवती महिलाओं को 21000 रुपये देंगे, और हर बुजुर्ग को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देंगे, तो मुझे नहीं लगता कि कोई इस प्रस्ताव को ठुकराना चाहेगा। मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, ‘उन्होंने कहा था हम 1000 रुपये देंगे। उन्होंने पंजाब में नहीं दिया, पंजाब में नहीं दिया और हमने जो कहा है वो हम करके रहेंगे। ऐसे में अगर हमें 70 की 70 सीटें भी मिल जाएं तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।’
बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोट बैंक पर सियासी दलों की नजर टिकी है। इस साल के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अपने पांच और कांग्रेस ने सात मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। जबकि AIMIM ने दो सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं। वहीं जहां बीजेपी दावा कर रही है कि इस बार मुस्लिम बहुल सीटों पर भी कमल खिलेगा। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि इस साल के चुनाव में साल 2015 और 2020 की तरह आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताएंगे या कांग्रेस उलटफेर करने में कामयाब होगी।


