Delhi Elections: दिल्ली चुनाव में बस कुछ ही समय बाकी रह गया है, ऐसे में सभी पार्टियां अपनी अपनी रणनीतियों पर काम करने में जुटी हैं। इसी बीच केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने हरिनगर और नरेला सीट (Narela) पर अपने प्रत्याशी बदल दिए। पार्टी ने हरि नगर (Harinagar) की निवर्तमान विधायक राजकुमारी ढिल्लों की जगह सुरिंदर सेतिया को टिकट दिया है। ढिल्लों को पार्टी ने इस बार भी टिकट दिया था। नरेला से शरद चौहान (Sharad Chauhan) की जगह दिनेश भारद्वाज (Dinesh Bhardwaj) को प्रत्याशी बनाया गया है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों पार्टी ने चुनाव के हफ्ता पहले अपने उम्मीदवार को बदलने का फैसला लिया और क्या है इसके पीछे की रणनीति?
दिल्ली चुनाव के लिए जहां एक ओर प्रत्याशियों का नामांकन दाखिल करना जारी है। वहीं, नामांकन से बिलकुल पहले आम आदमी पार्टी ने नरेला और हरिनगर सीट से उम्मीदवार बदलकर सबको चौंका दिया। नरेला विधानसभा हॉट सीट बनी हुई है। फ़िलहाल शरद चौहान ही इस सीट से AAP के विधायक हैं। उन्होंने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में अपनी जीत का परचम लहराया था। ऐसे में पार्टी केजरीवाल ने इस बार भी उन पर भरोसा जताते हुए उनको टिकट दिया था। लेकिन नरेला सीट के चुनावी गणित को समझते हुए पार्टी ने उनकी जगह दिनेश भारद्वाज को टिकट दे दिया।
इस तरह आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के हरिनगर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक राजकुमारी ढिल्लो को टिकट दिया था। उम्मीदवारी का ऐलान होने के बाद से ही राजकुमारी ढिल्लो प्रचार भी कर रही थीं। एक रिपोर्ट के अनुसार, नरेला में प्रचार धीमी गति से चल रहा था। इसके बाद पार्टी ने एक बार फिर सर्वे कराया जिसमें को राजकुमारी ढिल्लो से मजबूत प्रत्याशी बताया गया। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने हरिनगर सीट से सुरेंद्र सेतिया को कैंडिडेट बनाने का ऐलान कर दिया। इसके अलावा ये भी चर्चा थी कि सुरेंद्र सेतिया को कांग्रेस अपने खेमा में लाना चाहती थी और सुरेंद्र सेतिया आम आदमी पार्टी से ही टिकट चाहते थे। सुरेंद्र सेतिया खुद दिल्ली में निगम पार्षद भी रह चुके हैं। सुरेंद्र सेतिया की पत्नी अभी वर्तमान पार्षद हैं और डिप्टी चेयरमैन भी।सुरेंद्र सेतिया और उनकी पत्नी एंटी हैं।अब डर ये है कि ढिल्लो अगर कांग्रेस में नया चली जाएं और कांग्रेस अपना प्रत्याशी बदल दे।
हालांकि पार्टी का कहना है कि पार्टी ने दोनों ही सीटों पर जमीनी रिपोर्ट के आधार पर भी अपने कैंडिडेट बदले हैं। पार्टी के आलाकमान को इन सेटों के उम्मीदवार कमजोर नजर आ रहे थे। ऐसे में पार्टी ये फैसला लिया। नरेला सीट पर शरद चौहान दो बार से लगातार विधायक हैं, लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काटा है। वही, दिल्ली के कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दावा किया है कि कांग्रेस के डर से AAP ने दोनों की सेटों पर अपने उम्मीदवार बदले हैं।
बता दें कि दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार एक महीना पहले उतार दिए। इस बार AAP ने 20 सिटिंग विधायकों के टिकट काटे थे, जबकि तीन विधायकों की जगह उनके घर वालों को टिकट दिया गया। टिकट कटने वाले विधायकों में शरद चौहान भी थे, जिन्हें आखिरी मौके पर फिर से टिकट दे दिया गया है। इसके अलावा केजरीवाल ने दलबद्लुयों को भी मौका दिया है।


