दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) नए तरीकों को अपनाने की प्लानिंग कर रही है।
दिल्ली मेट्रो में सबसे ज्यादा अपराध पीक आवर्स में होते हैं, इसलिए दिल्ली पुलिस दिन के उन घंटों में अंडरकवर रह कर यात्रियों की सुरक्षा करेगी।
बीते कुछ महीनों में दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) में यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस वजह से अपराध भी बढ़े हैं। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा समीक्षा के लिए रखी गई मीटिंग में अंडरकवर रहते हुए दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा करने का प्लान बनाया है।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए 190 मेट्रो स्टेशन के डेटा को स्टडी किया है। पुलिस ने पाया है कि दिल्ली मेट्रो में चोरी, महिलाओं के साथ छेड़छाड़, ग्रुप में आकर झगड़ा करना और इसी की तरह के दूसरे अपराध हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने 32 मेट्रो स्टेशन चिन्हित किए हैं, जिन्हें अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का कहना है कि ‘हमारा लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षा देना है। अंडरकवर पुलिस भीड़ में घुल-मिलकर आपराधिक गतिविधियों रोकने में कामयाब हो सकती है। अंडरकवर पुलिस अपराधियों पर तुरंत एक्शन ले सकती है।’
आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF और दिल्ली पुलिस के पास है। CISF के जवान तलाशी और जांच करते हैं और दिल्ली पुलिस FIR दर्ज करती है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की कई टीम मेट्रो परिसर के अंदर गश्त करती है। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने अलग यूनिट बना रखी है।
महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर मेट्रो ट्रेन में महिला पुलिस बल की संख्या ज्यादा रखी गई है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो में इस साल अब तक चोरी के 3952 मामले सामने आए हैं।
8 सितंबर, 2023 तक मेट्रो में चोरी के 3709 मामले सामने आए थे। इन मामलों में यात्रियों और मेट्रो कर्मचारियों के मोबाइल फोन, पर्स या कीमती सामान का गुम होना शामिल है।


