दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा (G.N Saibaba) का शनिवार को 50 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पिछले 20 दिन से निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अस्पताल में उनका निधन हो गया। डॉक्टर्स ने बताया कि साईबाबा (G.N Saibaba) पित्ताशय में संक्रमण से पीड़ित थे।
आपको बता दें कि जीएन साईबाबा (G.N Saibaba) माओवादियों के साथ कथित संबंध रखने के कारण एक मामले में 10 साल जेल में रहने के बाद बरी हुए थे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसी साल मार्च में उन्हें UAPA के मामले में जमानत दी थी। साईबाबा (G.N Saibaba) को साल 2014 में गिरफ्तार किया गया था।
जीएन साईबाबा (G.N Saibaba) दिल्ली यूनिवर्सिटी के राम लाल आनंद कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर थे। साल 2014 में महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें भीमा कोरेगाव केस में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद से ही वे जेल में बंद थे। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की एक निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद साईबाबा 2017 से जेल में बंद थे। इससे पहले, जमानत मिलने से पहले वह 2014 से 2016 तक जेल में थे।
बंबई हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने माओवादियों से कथित संबंध मामले में साईबाबा एवं पांच को इसी साल मार्च में बेल दिया था। बंबई हाई कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ मामला साबित नहीं कर सकी है। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा भी रद्द कर दी थी। इसके बाद साईबाबा व्हीलचेयर पर बैठकर 10 साल बाद नागपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए थे।


