Engineers Day: हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर डे मनाया जाता है। यह भारत के पहले इंजीनियर,भारत रत्न एवं ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से सम्मानित एम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पढ़िए पूरी ख़बर –
Engineers Day: 15 सितंबर को देश-विदेश के करोड़ों युवा सेलिब्रेट करते हैं। क्योंकि आज का दिन करोड़ों लोगों के प्रोफेशन से जुड़ा है। 15 सितंबर को इंजीनियर दिवस (Engineers Day) मनाया जाता है। यह दिन महान इंजीनियर एवं भारत रत्न (Bharat Ratna) एवं ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से सम्मानित एम विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) की जयंती के उपलक्ष्य में सेलिब्रेट किया जाता है।
एम विश्वेश्वरैया का पूरा नाम मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया है। उन्हें भारत का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। कहते हैं किसी भी राष्ट्र के निर्माण में इंजीनियर की भूमिका बहुत अहम होती है। देश के तमाम इंजीनियर को सम्मान देने के लिए इंजीनियर दिवस (Engineers Day) मनाया जाता है। भारत के अलावा 15 सितंबर को श्रीलंका और तंजानिया में भी इंजीनियर दिवस मनाया जाता है।
क्या है इस बार का थीम (Theme of Engineers Day 2024)
हर साल इंजीनियर दिवस (Engineers Day) किसी ना किसी थीम पर मनाया जाता है। इस बार “एक सतत दुनिया के लिए इंजीनियरिंग समाधान” (Engineering solutions for a sustainable world) है।
साल 2023 में इंजीनियर दिवस Engineering for a Sustainable Future’ यानी कि ‘सतत भविष्य के लिए इंजीनियरिंग’ की थीम पर बनाया गया था।
इंजीनियर डे का इतिहास ( Engineer Day History)
15 सितंबर 1861 को एम विश्वेश्वरैया जन्मदिन मनाया जाता है (M. Visvesvaraya Birthday)। उनका जन्म 1861 में कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में हुआ था। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद विश्वेश्वरैया मद्रास विश्नविद्यालस में बीए की पढ़ाई करने गए। पुणे में कॉलेज ऑफ़ साइंस से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। उनके सम्मान में 15 सितंबर की तारीख़ को इंजीनियर्स डे (Engineers Day) के रूप में मनाया जाने लगा। सन् 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा उन्हें ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से भी नवाज़ा गया। सन् 1962 में 101 साल की उम्र में उनका देहांत हुआ। वे मैसूर के दीवान भी थे।
उनकी याद में वर्ष 1967 से इंजीनियर्स डे (Engineers Day) मनाने की शुरुआत की गई थी।


