हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने को है। बीजेपी (BJP) ने अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 67 नामों का ऐलान किया गया है। जिनमें से एक नाम को लेकर चर्चा काफी जोरों पर है। ये नाम है सुनील सांगवान (Sunil Sangwan) का, जिन्हें बीजेपी ने दादरी से टिकट दिया है। सुनील सांगवान को लेकर चर्चा क्यों हो रही, आइए इसके बारे में बात करते हैं।
जेल अधीक्षक पद से लिया वीआरएस
सुनील सांगवान ने तीन दिन पहले जेल अधीक्षक के पद से वीआरएस लिया था। जिसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से बीजेपी का दामन थाम लिया। आपके बता दें कि, सुनील सांगवान ने हरियाणा की भोंडसी जेल (Bhondsi Jail) से जेल विभाग के साथ सफर शुरू किया था, और उसी भोंडसी जेल के अधीक्षक पद पर रहते हुए वीआरएस ले लिया है।
सुनील सांगवान और राम रहीम का कनेक्शन ?
पूर्व में सुनील सांगवान रोहतक की सुनारिया जेल (Sunarian Jail, Rohtak) में अधीक्षक के पद पर तैनात रहे हैं। ये वही जेल है जहां डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) अपनी दो महिला अनुयायियों से रेप और पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के आरोप में सजा काट रहा है। सुनील सांगवान के पांच साल के कार्यकाल के दौरान राम रहीम को 6 बार पैरोल और फरोल दी गई।
दादरी सीट राजनीतिक विरासत
सुनील सांगवान दादरी सीट से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। सुनील सांगवान के पिता सतपाल सांगवान हरियाणा में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। वो छह बार दादरी से चुनाव लड़ चुके हैं। बीएसएनएल (BSNL) में एसडीओ की नौकरी छोड़कर सतपाल सांगवान ने पहली बार दादरी से चुनाव लड़ा था। ऐसे में कहा जा रहा है कि सुनील सांगवान दादरी से चुनाव लड़कर अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।


