दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 1 नवंबर से 15 नवंबर के बीच प्रदूषण सबसे अधिक रहने का अनुमान है। दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए कृत्रिम वर्षा करवाने की तैयारी कर रही है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने बुधवार को दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 21 सूत्री कार्ययोजना जारी की। उन्होंने कहा, “हमने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर सर्दियों के दौरान कृत्रिम बारिश करवाने की अनुमति मांगी है। दिल्ली में हम 1 नवंबर से 15 नवंबर के बीच कृत्रिम बारिश करवाना चाहते हैं।”
गोपाल राय (Gopal Rai) ने कहा कि दिवाली और पराली जलाने के कारण दिल्ली में नवंबर में प्रदूषण अपने चरम स्तर पर होगा। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बारिश पर केंद्र सरकार ने उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
गोपाल राय (Gopal Rai) ने बताया कि दिल्ली में 2016 से 2023 के बीच वायु प्रदूषण में 34.6 प्रतिशत की कमी देखी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में दिल्ली में दो करोड़ पेड़ लगाए गए हैं, जिससे वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिली है।
ड्रोन से की जाएगी निगरानी
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के हॉटस्पॉट को चिन्हित कर लिया गया है। साथ ही हॉटस्पॉट क्षेत्रों की रियल टाइम निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण की निगरानी के लिए पर्यावरण मंत्रालय, परिवहन मंत्रालय, दिल्ली नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कर्मियों सहित 86 सदस्यों वाली एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए 7 अक्टूबर से एक अभियान भी चलाया जाएगा। सर्दियों के दौरान दिल्ली के हर विधानसभा क्षेत्र में 85 स्वीपर मशीन और 200 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन को तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्रों की जांच के लिए कुल 360 टीमें गठित की जाएंगी। साथ ही वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक ग्रीन वॉर रूम भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध लागू रहेगा।


