More
    HomeNationalप्रदेशHimachal भवन को कुर्क करने का आदेश, CM सुक्खू बोले- मैंने नहीं...

    Himachal भवन को कुर्क करने का आदेश, CM सुक्खू बोले- मैंने नहीं पढ़ा ऑर्डर

    Published on

    spot_img

    Himachal प्रदेश उच्च न्यायालय ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन को कुर्क करने का आदेश जारी किया है।

    बिजली बिल का भुगतान नहीं करने के कारण हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाई है। Himachal सरकार पर लगभग 150 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।

    कुर्की का आदेश सामान्य प्रक्रिया- अनूप कुमार रतन

    Himachal प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने हाई कोर्ट के कुर्की वाले आदेश को सामान्य प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा है कि यह खबर इसलिए चर्चा में है क्योंकि कोर्ट ने भवन की नीलामी की संभावना का उल्लेख किया है। अदालत ने विद्युत विभाग के प्रधान सचिव को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने का निर्देश दिया है।

    Himachal सरकार को देना होगा 150 करोड़

    अदालत का यह फैसला सुक्खू सरकार के 64 करोड़ रुपये चुकाने के पिछले आदेशों की अनदेखी करने के बाद आया है। अब ब्याज के कारण यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 150 करोड़ रुपया का हो गया है। यह मामला लाहौल-स्पीति में चिनाब नदी पर बनने वाले 400 मेगावाट सेली हाइड्रो प्रोजेक्ट के संदर्भ में उठाया गया था। अदालत ने साफ किया कि यह राशि राज्य के खजाने से जा रही है, जिसका नुकसान जनता को उठाना होगा, इसलिए कंपनी को Himachal भवन को नीलाम कर अपनी रकम वसूलने की अनुमति दी गई है।

    6 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

    इससे पहले प्रदेश सरकार को कंपनी द्वारा जमा की गई 64 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि सात प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश मिला था। हिमाचल प्रदेश सरकार की कोर्ट के इस आदेश की अवहेलना के बाद ब्याज समेत राशि अब 150 करोड़ पहुंच गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी।

    मैंने नहीं पढ़ा है आदेश- सुखविंदर सिंह सुक्खू

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक दिल्ली में Himachal भवन को कुर्क करने के हाईकोर्ट के फैसले को नहीं देखा है। उन्होंने आगे कहा कि इसके बारे में जानकारी ली है और आदेश की समीक्षा करेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा मैंने हाईकोर्ट का आदेश नहीं पढ़ा है, लेकिन अग्रिम प्रीमियम एक नीति पर आधारित है जिसके तहत 2006 में जब ऊर्जा नीति बनाई गई थी, तो मैं मुख्य वास्तुकार था।

    हमने प्रति मेगावाट एक आरक्षित मूल्य रखा था, जिस पर कंपनियों ने बोली लगाई थी। अग्रिम प्रीमियम के मामले में मध्यस्थता का निर्णय था। हमारी सरकार मध्यस्थता आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट गई और सरकार को मध्यस्थता में 64 करोड़ रुपए जमा करने पड़े। मैंने इसके बारे में जानकारी ली है और हम इस आदेश के बारे में अध्ययन करेंगे।”

    Latest articles

    ईरान ने भारत के लिए खास संदेश दिया है जब भारत का 7वां LPG टैंकर सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz पार

    ईरान ने भारत के लिए खास संदेश दिया है जब भारत का 7वां एलपीजी...

    US–Israel–Iran War Live: 2 हफ्ते का सीज़फायर, ‘गोल्डन एज’ की बात—इस्लामाबाद में वार्ता तय

    US–Israel–Iran War Updates: Donald Trump ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिका...

    US-Israel-Iran War पर बड़ी अपडेट: 5 घंटों में बदला घटनाक्रम, युद्धविराम की ओर कदम

    US-Israel-Iran War: अमेरिका और ईरान युद्ध को लेकर 4 जरूरी बयान आए. इसकी पूरी...

    नालंदा घटना पर भड़कीं Dr. Kanchana Yadav, कहा—“यह सिर्फ एक घटना नहीं, व्यवस्था की सड़ांध”

    राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय प्रवक्ता Dr. Kanchana Yadav ने बिहार के नालंदा...

    More like this

    ईरान ने भारत के लिए खास संदेश दिया है जब भारत का 7वां LPG टैंकर सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz पार

    ईरान ने भारत के लिए खास संदेश दिया है जब भारत का 7वां एलपीजी...

    US–Israel–Iran War Live: 2 हफ्ते का सीज़फायर, ‘गोल्डन एज’ की बात—इस्लामाबाद में वार्ता तय

    US–Israel–Iran War Updates: Donald Trump ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिका...

    US-Israel-Iran War पर बड़ी अपडेट: 5 घंटों में बदला घटनाक्रम, युद्धविराम की ओर कदम

    US-Israel-Iran War: अमेरिका और ईरान युद्ध को लेकर 4 जरूरी बयान आए. इसकी पूरी...