उत्तर प्रदेश के झांसी (Jhansi) स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को एनआईसीयू वार्ड में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। वहीं, करीब 47 नवजात शिशुओं को बचा लिया गया।
हादसे को लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सचिन माहौर ने बताया कि एनआईसीयू वार्ड में 54 बच्चे भर्ती थे। अचानक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के अंदर आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास किए गए लेकिन कमरा अत्यधिक ऑक्सीजन युक्त होने के कारण आग तेजी से फैल गई। कई बच्चों को बचा लिया गया। 10 बच्चों की मौत हो गई। घायल बच्चों का इलाज चल रहा है।
उत्तर प्रदेश के झांसी के मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में आग लगने के कारण नवजात शिशुओं की मौत पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने दुख प्रकट किया। पीड़ित परिवार को ‘प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ से अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के ऑफिशियल ‘एक्स’ हैंडल से घटना को लेकर ट्वीट किया गया। पोस्ट में लिखा, ‘हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश में झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। इसमें उन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव के हर संभव प्रयास में जुटा है।’
PM और CM ने किया मुआवजे का ऐलान
इसके अलावा पीएमओ ने अन्य पोस्ट में घटना के पीड़ित परिवारों को अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना में प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी झांसी की घटना को हृदय विदारक बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक संतप्त माता-पिता और परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल हुए शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
उत्तर प्रदेश के झांसी में हुई 10 बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक नवजातों के परिजनों को पांच पांच लाख रुपये एवं गंभीर घायलों को पचास पचास हज़ार रुपये तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अखिलेश और मायावती ने क्या कहा?
झांसी हादसे में हुई 10 बच्चों की मौत पर सपा मुखिया अखिलेश ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, बसपा ने दोषियों के खिलाफ सजा की मांग उठाई है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 बच्चों की मृत्यु एवं कई बच्चों के घायल होने का समाचार बेहद दुखद एवं चिंताजनक है। सबके प्रति संवेदनात्मक श्रद्धांजलि। आग का कारण ‘ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर’ में आग लगना बताया जा रहा है। ये सीधे-सीधे चिकित्सा प्रबंधन व प्रशासन की लापरवाही का मामला है या फिर खराब क्वालिटी के आक्सीजन कॉन्संट्रेटर का। इस मामले में सभी जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो।
उन्होंने आगे कहा, मुख्यमंत्री जी चुनावी प्रचार छोड़कर, ‘सब ठीक होने के झूठे दावे’ छोड़कर स्वास्थ्य और चिकित्सा की बदहाली पर ध्यान देना चाहिए। जिन्होंने अपने बच्चे गंवाएं हैं, वो परिवार वाले ही इसका दुख-दर्द समझ सकते हैं। ये सरकारी ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। आशा है चुनावी राजनीति करनेवाले पारिवारिक विपदा की इस घड़ी में इसकी सच्ची जाँच करवाएंगे और अपने तथाकथित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्रालय में ऊपर-से-नीचे तक आमूलचूल परिवर्तन करेंगे।
अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य मंत्री को कटघरे में खड़ा करते हुए आगे लिखा, उप्र के ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ की तो उनसे कुछ नहीं कहना है क्योंकि उन्हीं के कारण आज उप्र में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की इतनी बदहाली हुई है। संकीर्ण-साम्प्रदायिक राजनीति की निम्न स्तरीय टिप्पणियां करने में उलझे मंत्री को तो शायद ये भी याद नहीं होगा कि वो ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ हैं। न तो उनके पास कोई शक्ति है न ही इच्छा शक्ति, बस उनके नाम की तख्ती है।”
उन्होंने आगे लिखा, “सबसे पहले उप्र भाजपा सरकार समस्त झुलसे बच्चों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराए व जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है, उन समस्त शोक संतप्त परिवारों को 1-1 करोड़ संवेदना राशि दे। गोरखपुर न दोहराया जाए।”
वहीं, बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि यूपी, झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत की अति-दुखद घटना से कोहराम व आक्रोश स्वाभाविक है। ऐसी घातक लापरवाही के लिए दोषियों को सख्त कानूनी सजा जरूरी है। ऐसी घटनाओं की भरपाई असंभव फिर भी सरकार पीड़ित परिवारों की हर प्रकार से मदद जरूर करे।


