झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना (Mukhyamantri Maiya Samman Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना का लाभ शहरी और ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा।
मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना के तहत लाभार्थी महिला को हर माह 1000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यानी प्रति वर्ष 12,000 रुपये प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाएंगे। लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ये पैसा डीबीटी के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।
झारखंड सरकार की ओर से बताया गया कि 48 लाख बहनों के खाते में पहली किस्त की राशि पहुंचा दी गई है। प्रदेश सरकार की इस योजना से महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना (Mukhyamantri Maiya Samman Yojana) का लाभ लेने के लिए अबतक 48,15,048 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। 45,36,597 महिलाएं सम्मान राशि से अबतक आच्छादित हुईं हैं। हर महीने की 15 तारीख तक खाते में सम्मान राशि भेजने का आदेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया है।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना का लाभ (Mukhyamantri Maiya Samman Yojana) प्रदेश की महिलाओं को दिया जाएगा। इसके लिए जो शर्तें बताई गई हैं वो इस प्रकार हैं।
- आवेदन करने वाली महिला राज्य की मूल निवासी होनी चाहिए।
- इस योजना में महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं।
- आवेदन करने वाली महिला की उम्र 21 वर्ष से ज्यादा और 50 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- आवेदन करने वाली महिला बीपीएल परिवार या अंत्योदय परिवार की श्रेणी में होनी चाहिए।
- आवेदन करने वाली महिला का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना आवश्यक है।
- आवेदन करने वाली महिला के पास बैंक खाता होना चाहिए, जो आधार कार्ड से लिंक हो। ताकि डीबीटी के माध्यम से पैसा उनके खाते में भेजा जा सके।
योजना का लाभ लेने के लिए कैसे करें आवेदन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेश की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए यह योजना शुरू की है। योजना (Mukhyamantri Maiya Samman Yojana) का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाओं को फार्म भरकर आंगनबाड़ी में जमा करना होगा। जिसके बाद आंगनबाड़ी द्वारा उस फार्म का सत्यापन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की आर्थिक दृष्टि से कमजोर बीपीएल महिलाओं के लिए योजना की शुरुआत की है। आवेदन करने वाली महिलाओं को फार्म भरकर सीधे आंगनबाड़ी सेविका के पास जमा करना होगा। इसके बाद आंगनबाड़ी सेविका उस फार्म को प्रज्ञा केंद्र में जमा कराएगी।
प्रज्ञा केंद्र द्वारा फार्म को ऑनलाइन भरा जाएगा। इसके आगे आवेदन करने वाली महिला के फार्म और दस्तावेजों का सत्यापन होगा और पात्र महिलाओं की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में किस्त की राशि ट्रांसफर की जाएगी।


