MahaKumbh 2025: महाकुंभ में मौत से मातम पसर गया है। प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर करोड़ों श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि तकरीबन करोड़ों लोग इस शाही स्नान के लिए मौजूद थे। इस दौरान भगदड़ मच गई, 17 लोगों की मौत की अब तक खबर आई है और दर्जनों लोग लोग घायल हो गए। कैसे मची भगदड़, अभी क्या है प्रयागराज की स्थिति, भगदड़ पर कैसे होने लगी सियासत और अगर आप जा रहे हैं महाकुंभ तो किन बातों का रखना होगा अब ध्यान सब बताएंगे।
संगम में मौनी अमावस्या के मौके पर अमृत स्नान करने के लिए करोड़ों लोग पहुंचे, भीड़ इतनी थी कि बेकाबू हो गई। जिसके बाद भगदड़ मच गई। कहीं किसी के चप्प्ल, कहीं कंबल, कहीं बोरिया बिस्तर तोक कहीं लाशें। महाकुंभ का पवित्र तथ खून से सन गया। लोग पुण्य कमाने आए थे। मलाल, हताशा और आंसू लेकर लोग लौटे। महाकुंभ में भगदड़ को लेकर बताया जा रहा है कि संगम नोज पर स्नान को लेकर इस तरह के हालात बने थे। पुलिस की ओर से सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। लोग उसे तोड़ कर और बैरिकेडिंग कूदकर भागने लगे। भगदड़ मच गई जिसके बाद कई लोग लापता हो गए। दर्जनों लोग घायल हो गए और 14 लोगों की मौत हो गई। मेले से रिपोर्ट करते हुए मीडिया के लोगों के गले भर आए रिपोर्टर्स ने कहा कि हम उत्साह और आस्था रिकॉर्ड करने आए थे। लोगों की चीत्कार, चीख पुकार और आंसु रिपोर्ट करना पड़ेगा ये नहीं सोचा था। इस पूरे हादसे के बाद तमाम अखाडे़ ने आज का अमृत स्नान का कार्यक्रम रद्द कर दिया,संत-महात्मा भी वापस लौटे। जबकि आम जनता के लिए कई घंटे के अंतराल के बाद फिर से अमृत स्नान के लिए अनुमति दे दी गई। बताते चलें कि प्रयागराज आने से सटे सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं। और प्रयागराज में लोगों के आने पर अभी अस्थायी रोक भी लगी। साथ ही प्रयागराज से लोगों को बाहर निकालने के लिए रेलवे ने 360 स्पेशल ट्रेनों की तुरंत घोषणा कर दी। ताकि लोगों को सुरक्षा सहित बाहर निकाला जा सके। बताते चलें कि संगम स्थित केन्द्रीय अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। घायलों का इलाज चल रहा है। लोग अपने-अपने परिजनों को अस्पताल में और घाट पर ढूंढ़ रहे हैं।
मगर यहां गौर करन वाली बात ये है कि इस भगदड़ के बाद भी लोगों अपनी जान की फिक्र और जान का डर नहीं देखने को मिल रहा। भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या के मौके पर तकरीबन 10 करोड़ लोग गंगा में अमृत स्नान करेंगे। इस पूरी घटना के बाद सियासत भी गरमा गई। सीएम योगी ने घटना का संज्ञान लिया और पूरी घटना पर सीएम योगी का बयान भी सामने आया है। सीएम योगी ने बताया कि दबाव ज़रूर है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। 10 करोड़ लोग आज वहां मौजूद हैं। बैरिकेट्स फांद कर आने ये पूरा हादसा हुआ। लेकिन श्रर्दालुओं का स्नान कराने के लिए पूरी व्यवस्था कराई जा रही है और घायलों का उपचार चल रहा है। सीएम योगी ने अपील की कि संगम नोज जहां घटा हुई वहां जाने की कोशिश ना करें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। और किसी तरह की अफवाह पर ध्यान ना दें।
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी पूरी घटना के बाद संवेदशील हुए। हमारी सरकार से अपील है कि:
- गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
- मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए।
- जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं।
- हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए।
खैर इस पूरी घटना के बाद संगम प्रशासन और योगी सरकार पर सवालिया निशान खड़ा होता है। सरकार ने पूरी तैयारी पर 7,500 करोड़ रूपए खर्च किए हैं। यूपी के इकॉनमी को महाकुंभ से तकरीबन 2000 करोड़ के मुनाफे की बात कही जा रही है। महाकुंभ से पहले खूब प्रचार-प्रसार भी हुआ कि NSG कमांडो उतार दिए हैं। इतने हज़ार पुलिसकर्मी, ड्रोन कैमरा, AI टेक्नोलॉजी, घोड़ा-गाड़ी, अस्पताल और ग्राउंड पर सुरक्षा और मैनेजमेंट के चाक चौबंध इंतजाम फिर से इतना बड़ा हादसा हो जाता है। योगी सरकार को स्वाभाविक रूप से ये बात पता थी कि कि हर अमृत स्नान में करोड़ों लोग आएंगे, सवाल है कि फिर उस हिसाब से व्यवस्था क्यों नहीं की गई। प्रयागराज के स्थानीय लोग बता रहें हैं कि ये मेला सिर्फ VVIP को केन्द्र में रख कर किया गया है। आम जनता 10-12 किलोमीटर पैदल चल कर संगम में स्नान करने जा रही है। ऑटो भी नहीं चलने दिया जा रहा। मगर VVIP के लिए आने-जाने से लेकर स्नान की उत्तम व्यवस्था की गई है। अभी कुछ दिनों पहले ही अखाड़े के महांडलेश्वर ने पिछले कुंभ की तुलना अबकी लगे महाकुंभ से की थी। कहा कि साधुओं से लेकर आम जनता प्रशासन से नाखुश है। महामंडलेश्वर ने बताया कि पिछली बार कुंभ की व्यवस्था में कभी रह गई तो मेला प्रभारी आजम खान ने अपनी टोपी उतार कर साधुओं के चरणों में रख दी।
कहने लगे कि इस व्यवस्था के लिए माफी चाहता हूं। लेकिन इस महाकुंभ में मैं पिछले कई दिनों से खराब व्यवस्था के खिलाफ बोल रहा हूं। कोई सुनने वाला नहीं है। इस बार कुंभ का प्रभारी कौन है ये भी नहीं पता। महिला अखाड़े की तरफ से भी ऐसी शिकायत सुनने को मिली। स्नान करने वाले श्रद्धालुओं ने भी कहा कि हम ओस में आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। इस ठंड में कंबल ही हमारा सहारा। सरकार की व्यवस्था लचर है।
अब जब भगदड़ की घटना सामने आई है, तो सरकार पर सवाल के काले निशान छीटे साफ दिखाई पड़ते हैं। जाहिर है कि इस पूरे प्रबंध में योगी सरकार का लूप होल साफ दिखाई दे रहा है। जनता से सरकार नाखुश है। जिसका प्रमाण भगदड़ और आगजनी जैसे घटनाएं हैं। फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है मौके पर शांति बहाल करने की पूरी कोशिश जारी है।


