Akhilesh Yadav: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को महाकुंभ (Mahakumbh) के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान वह अपनी 11 डुबकी लगाने को लेकर चर्चा में हैं. एक तरह जहां लोगों के मन में सवाल है वहीं, उत्सुकता भी है कि आखिर सपा प्रमुख के 11 बार डुबकी लगाने के पीछे क्या राज छिपा है?
दरअसल, महाकुंभ स्नान भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। महाकुंभ का सबसे प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक काम है, गंगा नदी के जल में स्नान करना। इसे पुण्य की डुबकी लगाना भी कहते हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि महाकुंभ स्नान में कितनी डुबकियां लगाते हैं और उसका क्या महत्त्व है. परंपरा के अनुसार, महाकुंभ में 3 बार डुबकी लगाना शुभ और लाभकारी माना गया है। कुछ लोग 5 डुबकी और कई लोग 11 या 21 डुबकी भी लगाते हैं। वहीं, मन्नत जैसी स्थिति में लोग 51 और 108 डुबकियां भी लगाते हैं। आइए जानते हैं, अखिलेश के 11 डुबकियां लगाने के पीछे क्या राज है?
संगम में स्नान के बाद अखिलेश ने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें संगम में 11 डुबकी लगाने का मौका मिला। इसके बाद एक्स पर पोस्ट करके उन्होंने अपनी 11 डुबकी लेने के राज का खुलासा किया। उन्होंने हर डुबकी का अलग-अलग मतलब बताया है। एक्स पर अखिलेश ने लिखा, ‘महाकुंभ के पावन अवसर पर ‘संगम’ में:
एक डुबकी मां त्रिवेणी को प्रणाम की…
एक डुबकी आत्म-ध्यान की…
एक डुबकी सर्व कल्याण की…
एक डुबकी सबके उत्थान की…
एक डुबकी सबके मान की…
एक डुबकी सबके सम्मान की…
एक डुबकी सर्व समाधान की…
एक डुबकी दर्द से निदान की…
एक डुबकी प्रेम के आह्वान की…
एक डुबकी देश के निर्माण की…
एक डुबकी एकता के पैगाम की!!!
साथ ही अखिलेश यादव ने कहा, ‘महाकुंभ बड़ा आयोजन है। जब सपा की सरकार थी, उस समय हमें महाकुंभ कराने का मौका मिला था। उस समय हमने कम संसाधन में महाकुंभ आयोजित किया था। अखिलेश ने कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती हमें मिलकर रहने की प्रेरणा देती हैं। लोग यहां बिना प्रचार के अपनी व्यक्तिगत आस्था से आते हैं। वहीं, इस बार की व्यवस्था पर सपा प्रमुख कहते हैं, ‘बीजेपी वालों के लिए यही कहना है कि कुंभ में आएं तो सहनशीलता के साथ स्नान करें, क्योंकि लोग यहां दान-पुण्य के लिए आते हैं, किसी ‘वॉटर स्पोर्ट्स’ के लिए नहीं।’


