MP News: मध्य प्रदेश के चित्रकूट में हर साल दीपावली के दूसरे दिन से ही मंदाकिनी नदी के किनारे गधों का मेला लगता है।
आपको बता दें कि यह ऐतिहासिक मेला मुगल शासक औरंगजेब के जमाने से चला आ रहा है। गधों के इस बाजार में उत्तर प्रदेश से भी भारी संख्या में व्यापारी गधों को बेचने और खरीदने के लिए आते हैं।
दिवाली के दूसरे दिन लगता है गधों का मेला
सतना जिले से 77 किलोमीटर दूर स्थित चित्रकूट में दिवाली के दूसरे दिन अन्नकूट के मौके पर मेला लगता है। इस ऐतिहासिक मेले की व्यवस्था नगर परिषद चित्रकूट द्वारा की जाती है। मंदाकिनी नदी के किनारे हजारों की संख्या में गधे और खच्चरों को खरीदा और बेचा जाता है। मेले में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इस मेले की खास बात यह है कि यहां जानवरों का नाम बॉलीवुड सितारों के नाम पर रखा जाता है।
लॉरेंस बिश्नोई नाम का गधा 1.25 लाख का बिका
इस बार मेले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के नाम का खच्चर भी लाया गया है। इस खच्चर की सबसे ज्यादा 1.25 लाख रुपए बोली लगाई गई है। मेले में सलमान, कैटरीना, शाहरुख जैसे कई बड़े सितारों के नाम वाले गधे और खच्चर भी है। इस बार मेले में सलमान खान नाम के गधों और खच्चर की चमक फीकी पड़ गई है।
‘मेले में व्यवस्था का अभाव’- व्यापारी
मेले में पहुंचे व्यापारियों का कहना है कि यहां पर व्यवस्था का अभाव है। मुगलकाल से चली आ रही परंपरा अब लगभग खत्म होने की कगार पर है। मेले में आए व्यापारियों का कहना है कि मेले में ठेकेदारों द्वारा 30 प्रति खूंटा जानवर बांधने के लिए लिया जाता है। जबकि 600 रुपए प्रति जानवर एंट्री फीस होती है। लोगों का कहना है कि यहां पैसे ले लिए जाते हैं और सुविधा के नाम पर कुछ नहीं दिया जाता है।
‘मेले में सभी व्यवस्थाएं पहले ही कर दी गई थी’- CMO
चित्रकूट नगर परिषद के CMO विशाल सिंह ने बताया कि, ”यह मेला मुगल काल से चला आ रहा है, जो दीपावली के एक दिन बाद शुरू होता है। मेले को लेकर नगर परिषद ने पहले ही सभी व्यवस्थाएं कर दी थीं। पीने के पानी के टैंकर लगाए गए हैं। आगामी भविष्य में यहां स्थाई शौचालय की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मेला सुचारू रूप से चल सके।”


