लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक (Asim Malik) को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का नया चीफ बनाया गया है। वह 30 सितंबर को पदभार संभालेंगे।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (ISI) का नया चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक को नियुक्त किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल मलिक फिलहाल रावलपिंडी मिलिट्री हेडक्वॉर्टर में असिस्टेंट जनरल के पद पर तैनात हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक ISI के नए चीफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम की जगह लेंगे। आसिम 30 सितंबर से नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
पाकिस्तानी न्यूज पेपर डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन ISI चीफ अंजुम को 2021 में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा नियुक्त किया गया था और बाद में उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था।
आसिम मलिक की नियुक्ति इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में इमरान खान के भरोसेमंद लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को गिरफ्तार किया गया था।
जानकारों का मानना है कि फैज हमीद को सजा देने के इनाम के तौर पर आसिम मलिक को ISI के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आरोप लगाया कि ISI और पाकिस्तानी सेना ने जनरल नदीम अंजुम के नेतृत्व में उनकी गिरफ्तारी की साजिश रची थी।
कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक?
आसिम मलिक को अक्टूबर 2021 में अस्टिटेंट जनरल बनाए जाने के साथ-साथ लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोट भी किया गया था। लेफ्टिनेंट जनरल मलिक इससे पहले बलूचिस्तान में इन्फैंट्री डिवीजन और वजीरिस्तान में इन्फैंट्री ब्रिगेड के रूप में कमान संभाल चुके हैं।
पाकिस्तान में बलूचिस्तान और वजीरिस्तान को काफी चुनौतीपूर्ण इलाका माना जाता है और इन दोनों इलाकों में आसिम मलिक ने सफलतापूर्वक काम किया है। उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह पाकिस्तान सैन्य अकादमी में सर्वश्रेष्ठ कैडेट को दिया जाने वाला पुरस्कार है।
जनरल मलिक नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में चीफ ट्रेनर के साथ-साथ कमांड एंड स्टाफ कॉलेज क्वेटा में ट्रेनर के पद पर भी रह चुके हैं। जनरल मलिक ने अमेरिका में फोर्ट लीवेनवर्थ और लंदन में रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से पढ़ाई की है।
कैसे चुना जाता है ISI का चीफ?
पाकिस्तान में ISI चीफ का पद बेहद ताकतवर माना जाता है। आम तौर पर यह पद वर्तमान में सेवारत सेना के अधिकारियों के बीच से चुना जाता है। ISI चीफ सीधा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है।
ISI के अंदर पाकिस्तान की सेना का भी दखल होता है। डॉन के अनुसार ISI डीजी की नियुक्ति की प्रक्रिया पाकिस्तान के संविधान या देश के सेना अधिनियम में निर्देशित नहीं है। अभी तक सभी नियुक्तियां सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को तीन अनुकूल नामों की सिफारिश करने के बाद की गई हैं। इन नामों पर प्रधानमंत्री अंतिम निर्णय लेते हैं।


