भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेला जा रहा है। इस सीरीज में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम 1-1 की बराबरी पर है। R. Ashwin ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया है।
गाबा में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया है। टेस्ट मैच खत्म होने के बाद भारतीय ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। Ashwin ने बुधवार यानी 18 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी हैं।
Ashwin अब सिर्फ क्लब क्रिकेट खेलेंगे
Ashwin यह ऐलान ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। अश्विन के साथ भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा भी मौजूद थे। Ashwin ने बताया कि यह उनका भारतीय क्रिकेटर के रूप में अंतिम दिन है। अब वह सिर्फ क्लब क्रिकेट ही खेलेंगे। अश्विन के संन्यास की घोषणा उस समय हुई जब बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ है। रोहित शर्मा ने बताया कि अश्विन टीम के साथ सीरीज के अंत तक नहीं रहेंगे। वह 19 दिसंबर को भारत लौटेंगे।
आज मेरा अंतिम दिन है- Ashwin
अश्विन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह मेरा अंतिम दिन है, मैं अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं। मुझे लगता है कि मेरे पास अभी भी क्रिकेट में कुछ ताकत बची हुई है, जिसे मैं क्लब क्रिकेट में दिखाना चाहता हूं। इस यात्रा में मैंने बहुत मजा किया और कई यादें बनाई, खासकर रोहित और मेरे अन्य साथियों के साथ।”
Ashwin ने किया BCCI का धन्यवाद
अश्विन ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और अपने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। अश्विन ने विशेष रूप से रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा का धन्यवाद किया। जिन्होंने उनके लिए स्लिप में कैच लेकर उन्हें कई विकेट दिलाई।
Ashwin लगा चुके हैं 6 शतक
आपको बता दें कि अश्विन ने अपने करियर में 106 टेस्ट मैचों में 537 विकेट हासिल किए है। इसके अलावा उन्होंने साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। अश्विन ने गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी खूब योगदान दिया है। उन्होंने छह टेस्ट शतक भी लगाए हैं। अश्विन ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का भी धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम हमेशा कड़ी प्रतिस्पर्धी रही है और मैंने उनके खिलाफ खेलते हुए बहुत आनंद लिया।
साल 2011 में किया था डेब्यू
आपको बता दें कि अश्विन ने साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया था। अश्विन ने जल्द ही भारत के टेस्ट टीम में महत्वपूर्ण स्थान बना लिया। उनकी गेंदबाजी में विविधता, सटीकता और परिपक्वता ने उन्हें एक बेहतरीन ऑफ-स्पिनर बनाया। भारतीय पिचों पर उनकी स्पिन गेंदबाजी ने भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं।


