आम आदमी पार्टी ने सोमवार को जाट नेता रघुविंदर शौकीन (Raghuvinder Shokeen) को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल करने का ऐलान कर दिया।
रघुविंदर शौकीन (Raghuvinder Shokeen) को आतिशी सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शामिल किए जाने का ऐलान पार्टी के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।
सिसोदिया ने कहा- “दिल्ली की आतिशी जी की सरकार में अरविंद केजरीवाल जी की टीम के बेहद ही मेहनती और नांगलोई विधानसभा के लोकप्रिय विधायक रघुविंदर शौकीन जी कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करेंगे।”
दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री रहे कैलाश गहलोत के पार्टी और कैबिनेट से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही रघुविंदर शौकीन (Raghuvinder Shokeen) को दिल्ली सरकार में शामिल करने का ऐलान क्यों करना पड़ा?
जाट नेता शौकीन को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपने से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली की राजनीति में जाट वोटों की अहमियत का पता चलता है।
कौन हैं रघुविंदर शौकीन?
रघुविंदर शौकीन (Raghuvinder Shokeen) नांगलोई सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। शौकीन ने इस मौके पर कहा- आम आदमी पार्टी सभी समाज को साथ लेकर चलती है। बीजेपी ने हमेशा ही जाट समाज के ख़िलाफ़ काम किया है। मैं अरविंद केजरीवाल जी का आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि उन्होंने मुझे दिल्ली के लोगों की सेवा और विकास करने का मौक़ा दिया है। “
बता दें साल 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में रघुविंदर शौकीन ने भाजपा उम्मीदवार सुमन लता को कुल 11624 वोटों से हराया था। शौकीन को यहां 74302 वोट मिले थे, वही भाजपा की सुमन लता को कुल 62596 वोट मिले थे।
दिल्ली की राजनीति में जाट वोटरों की अहमियत
दिल्ली में जाट वोटरों की संख्या की बात की जाए तो कुल आबादी का 5.5 प्रतिशत जाट समुदाय की है। जिसमें नजफगढ़ और नांगलोई विधानसभा सीट पर सबसे अधिक जाट समुदाय के लोग हैं।
बताते चलें दिल्ली के 360 गांवों में से लगभग 250 में जाट रहते हैं। इसके अलावा कई जाटों ने पिछले कुछ दशकों में हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने गांवों को छोड़ने के बाद दिल्ली को अपना घर बना लिया है, जिससे वोटर्स की संख्या भी बढ़ी है।
ऐसे में जाट नेता शौकीन (Raghuvinder Shokeen) को बड़ी जिम्मेदारी मिलने का संकेत है कि आम आदमा पार्टी अभी से ही अगले विधानसभा को लेकर गंभीर है।
आखिर कैलाश ने क्यों छोड़ा AAP?
दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री रहे कैलाश गहलोत ने आप के भीतर चल रही परेशानियों व हेर-फेर का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी छोड़ दिया। वह सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय जाकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
दिल्ली हाईकोर्ट में 16 साल तक वकालत करने के बाद कैलाश ने साल 2015 में पहली बार राजनीति की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने आम आदमी पार्टी के टिकट पर नजफगढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीता। नजफगढ़ विधानसभा सीट उन्होंने दुसरी बार चुनाव जीता और अपना परचम लहराया।
बताते चलें कि आतिशी सरकार में उनके पास परिवहन, गृह, महिला और बाल विकास, सूचना और प्रोद्योगिकी के साथ प्रशासनिक सुधार जैसे बड़े विभाग थे।


