संसद में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान काफी हंगामा देखने को मिल रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे पर हमलावर है। राज्यसभा सांसद Abhishek Manu Singhvi के सीट पर नोटो की गड्डी मिली है।
आज सुबह से ही राज्यसभा में हंगामा देखने को मिल रहा है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन को अवगत कराया कि कल सदन के स्थगित होने के बाद सीट नंबर 222 से नोटों की गड्डी मिली है। यह सीट कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ Abhishek Manu Singhvi के नाम पर अलॉट किया गया है। अब इस मामले पर अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रतिक्रिया दी है।
मैं सिर्फ 3 मिनट ही राज्यसभा में बैठा- Abhishek Manu Singhvi
कांग्रेस सांसद Abhishek Manu Singhvi ने कहा कि मैं इस बारे में सुनकर ही हैरान हूं। मैंने इसके बारे में कभी नहीं सुना। मैं कल दोपहर 12:57 बजे सदन के अंदर पहुंचा सदन और सदन दोपहर 1 बजे उठा। दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे तक मैं अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के साथ कैंटीन में बैठा और लंच किया। दोपहर 1:30 बजे मैं सदन से चला गया। इसलिए कल मैं सदन में कुल 3 मिनट और कैंटीन में 30 मिनट रहा।
मुझे यह अजीब लगता है कि ऐसे मुद्दों पर भी राजनीति की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि बेशक इस बात की जांच होनी चाहिए कि लोग कैसे कहीं भी और किसी भी सीट पर कुछ भी रख सकते हैं।
मैं सिर्फ 500 का नोट लेकर राज्यसभा आता हूं- Abhishek Manu Singhvi
Abhishek Manu Singhvi ने कहा कि इसका मतलब है कि हममें से हर किसी के पास एक सीट होनी चाहिए। जहां सीट को लॉक किया जा सके और चाबी सांसद अपने साथ ले जा सकें। हर कोई सीट पर बैठकर कुछ भी कर सकता है और इस बारे में आरोप लगा सकता है। अगर यह दुखद और गंभीर नहीं होता तो यह हास्यास्पद होता।
मुझे लगता है कि सभी को इसी मामले की तह तक पहुंचने में सहयोग करना चाहिए। अगर सुरक्षा एजेंसियों में कोई कमी है तो उसे भी पूरी तरह से उजागर किया जाना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं जब भी राज्यसभा जाता हूं तो 500 रुपए का नोट साथ लेकर जाता हूं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी प्रतिक्रिया
आपको बता दें कि राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने संसद की कार्यवाही शुरू होती ही कहा कि कल सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद रेगुलर जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने सीट संख्या 222 से नोटों की एक गड्डी बरामद हुई है। यह सीट इस समय Abhishek Manu Singhvi को आवंटित है। इसकी कानून के मुताबिक जांच की जाएगी। सभापति के इस टिप्पणी से राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रतिक्रिया दी। खड़गे ने कहा कि आपने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है। जब तक इसकी पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक उनका नाम नहीं लिया जाना चाहिए।


