भारत में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर बढ़ गया है। देश में महंगाई दर अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
देश में सितंबर में रिटेल महंगाई (Retail Inflation) दर 5.49 फीसदी पहुंच गई है। अगस्त में महंगाई दर 3.65 फीसदी थी। खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर दिसंबर 2023 के बाद का सबसे ऊंचे स्तर पर है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सब्जियों के दाम बढ़ने के कारण पिछले दो महीनों में 4 फीसदी से नीचे रहने के बाद सितंबर में यह 5 फीसदी के पार चली गई।
हालांकि, यह महंगाई दर अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मध्यकालिक लक्ष्य 2 से 6 फीसदी के भीतर बनी हुई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य महंगाई, सितंबर महीने में 9.24 फीसदी बढ़ी, जबकि अगस्त में यह 5.66 फीसदी थी। आपको बता दें कि जुलाई में खाद्य महंगाई 5.42%, जून में 9.36%, मई में 8.69% और अप्रैल में 8.70% रही थी।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बास्केट में आधी हिस्सेदारी रखने वाला खाद्य पदार्थों की महंगाई दर सितंबर में 9.24 फीसदी पहुंच गई। जुलाई और अगस्त दोनों ही महीने में खुदरा महंगाई दर रिजर्व बैंक के 4 फीसदी के लक्ष्य के भीतर रही थी।
थोक महंगाई दर में बढ़ोत्तरी के साथ ही खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के महंगे होने से थोक मूल्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 1.84 फीसदी हो गई। बता दें कि अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्राफीति 1.31 फीसदी थी।
क्यों बढ़ रही है महंगाई?
महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण सब्जियों की मुद्रास्फीति को माना जा रहा है। सितंबर महीने में मुद्रास्फीति 48.73 फीसदी बढ़ी थी। आलू की मुद्रास्फीति सितंबर में 78.13 फीसदी और प्याज 78.82 फीसदी के उच्च स्तर पर बनी रही। ईंधन और बिजली श्रेणी में सितंबर में 4.05 फीसदी की अपस्फीति देखी गई थी। वहीं अगस्त में 0.67 फीसदी की अपस्फीति हुई थी। इन सभी कारणों से ही देश में महंगाई बढ़ी है।


