Rohit Sharma-Steve Smith: वो दो बल्लेबाज़ जिन्हें बेस्ट बैटर में गिना किया जाता है, आपको जानकर हैरानी होगी कि ये दोनों बल्लेबाज़ नहीं बल्कि गेंदबाज़ बनने आए थे। पढ़िए रोहित-स्मिथ की दिलचस्प कहानी-
कहते हैं क्रिकेट, मौसम और राजनीति का कोई भरोसा नहीं होता… ये कब कौन सी करवट ले लें किसी को नहीं मालूम। यानी यहां की चीज़ें काफ़ी अनप्रिडिक्टेबल होती हैं।
क्रिकेट के मैदान में कई बार आप बल्लेबाज़ों को विकेट चटकाते हुए देख लेंगें। तो कई बार गेंदबाजों को अच्छी बल्लेबाज़ी करते हुए। मिसाल के तौर पर याद कीजिए जब धोनी (Dhoni) ने गेंदबाज़ी में विकेट चटकाया था। या फिर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सिराज (Siraj) या बुमराह (Bumrah) के बल्ले से वो लंबे-लंबे छक्के या फिर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ जेम्स फॉकनर की वो इनिंग याद कीजिए जब उन्होंने इशांत शर्मा को एक ही ओवर में 30 रन मारे थे।
ख़ैर, क्रिकेट जिसमें कुछ भी तय नहीं है… यहां कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ खिलाड़ी बनने बॉलर आते हैं लेकिन बन जाते हैं बल्लेबाज़। बल्लेबाज़ भी ऐसा वैसा नहीं, वो जिन्हें ग्रेटेस्ट ऑफ़ ऑल टाइम की लिस्ट में शामिल किया जाता है। आइए जानते हैं भारत (Team India)और ऑस्ट्रेलिया (Australia) के ऐसे दो बल्लेबाज़ों के बारे में जो बनने तो गेंदबाज़ आए थे, मगर बन गए टीम के स्टार बल्लेबाज़।
गेंदबाजी से बल्लेबाजी का सफर –
- रोहित शर्मा (Rohit Sharma)
रोहित की कहानी काफ़ी दिलचस्प है। वर्ल्ड कप विनिंग कैप्टन रोहित शर्मा मुंबई के बोरीवली से ताल्लुक रखते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि रोहित ने क्रिकेट में अपना करियर बतौर गेंदबाज शुरू किया था।
उनके परिवार ने उन्हें क्रिकेट कैंप में भेजने के लिए काफी स्ट्रगल किया, जहां उनके कोच दिनेश लाड ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। शुरुआत में रोहित स्पिन गेंदबाज थे, लेकिन लाड ने जल्द ही उनकी बल्लेबाजी प्रतिभा को पहचान लिया और उन्हें बल्लेबाजी करने के लिए प्रोत्साहित किया। ‘रेस्ट इज़ हिस्ट्री’
रंग लाई रोहित की मेहनत
दिनेश लाड ने रोहित का दाखिला स्वामी विवेकानंद स्कूल में कराया जहां रोहित (Rohit Sharma) ने अपने क्रिकेट करियर की नींव रखी। क्रिकेट में उनकी मेहनत और संघर्ष रंग लाई और रोहित मुंबई के लिए खेलने लगे। रोहित को अपने करियर में संघर्षों का सामना करना पड़ा था, लेकिन रोहित ने धैर्य नहीं खोया। कौन जानता था कि 2011 वर्ल्ड कप में सलेक्शन नहीं पाने वाले रोहित टीम को बतौर कप्तान 2024 में वर्ल्ड कप जीता देंगे।
आज रोहित की गिनती दुनिया के सबसे सफल बल्लेबाजों में होती है। उन्हें ‘हिटमैन’ (Hitman) के नाम से जाना जाता है। - स्टीव स्मिथ (Steve Smith)
स्टीव स्मिथ का सफ़र भी कुछ ऐसा ही रहा है। वो गेंदबाज़ बनने आए थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। जब उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा तो उन्हें लेग स्पिनर के तौर पर देखा जाता था। 2010 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम में डेब्यू किया और शुरुआत में लेग स्पिनर के तौर पर खेला। शुरुआती करियर में उनकी तुलना शेन वार्न के साथ की जाती थी।
साल 2013 की एशेज सीरीज़, स्टीव स्मिथ के करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इस सीरीज़ में स्टीव (Steve Smith) ने 3 नम्बर पर बल्लेबाज़ी करते हुए ख़ुद को स्थापित कर लिया।
उनके यूनिक बैटिंग स्टाइल की बदौलत उन्होंने न सिर्फ़ ऑस्ट्रेलिया में बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट में अनूठा मुकाम हासिल कर लिया है।


