Sambhal Violence: संभल हिंसा मामले में राजनीति गरमा गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। सपा का प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोका दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने संभल मस्जिद मामले पर सुनवाई करते हुए सर्वे पर रोक लगा दी है। साथ ही याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की नसीहत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को आदेश दिया है कि याचिका दायर होने के तीन दिन के अंदर सुनवाई शुरू की जाए।
15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जाने वाला था संभल
समाजवादी पार्टी का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल संभल हिंसा (Sambhal Violence) की जांच करने के लिए संभल का दौरा करने जाने वाले थे। लेकिन उन्हें संभल जाने से रोक दिया गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे सपा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे। लेकिन उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल को तैनात कर दी गया।
DM ने मुझे फोन कर संभल जाने से रोका- माता प्रसाद पांडे
पुलिस की तैनाती पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि संभल के डीएम ने मुझे फोन किया और कहा कि आप यहां पर न आए। संभल में स्थिति बिगड़ सकती है। 10 तारीख तक निषेधाज्ञा धारा लागू है। इसके बाद मुझे होम सेक्रेटरी संजय प्रसाद का फोन आया और मुझसे उन्होंने कहा कि आप संभल मत जाइए, स्थिति बिगड़ सकती है। मैंने उनसे कहा कि ठीक है, हम पार्टी ऑफिस जाएंगे और वहां पर तय करेंगे कि आगे क्या करना है।
माता प्रसाद पांडे ने कहा कि सबसे पहले पुलिस को मुझे नोटिस देना चाहिए था लेकिन बिना किसी नोटिस के मेरे घर के सामने पुलिस की तैनाती कर दी गई। उन्होंने कहा कि बहराइच मामले में भी पहले मुझे नोटिस दिया गया था। लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया है।
अखिलेश यादव ने दिया प्रतिक्रिया
सपा प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोके जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रतिबंध लगाना बीजेपी सरकार के शासन, प्रशासन और सरकारी प्रबंधन की नाकामी है। ऐसा प्रतिबंध अगर सरकार उन पर पहले ही लगा देती, जिन्होंने दंगा-फ़साद करवाने का सपना देखा और उन्मादी नारे लगवाए तो संभल में सौहार्द-शांति का वातावरण नहीं बिगड़ता।
बीजेपी जैसे पूरी की पूरी कैबिनेट एक साथ बदल देते हैं, वैसे ही संभल में ऊपर से लेकर नीचे तक का पूरा प्रशासनिक मंडल निलंबित करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन उन पर साज़िशन लापरवाही का आरोप लगाते हुए, सच्ची कार्रवाई करके बर्ख़ास्त भी करना चाहिए। साथ ही जान लेने का मुक़दमा भी चलना चाहिए।
सपा प्रतिनिधिमंडल अखिलेश यादव को देते रिपोर्ट
समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल संभल (Sambhal Violence) में स्थित शाही जामा मस्जिद में कोर्ट आदेश के बाद भड़की हिंसा के बारे में जानकारी जुटाने के लिए संभल जा रहे थे। आपको बता दें कि इलाका में धारा 144 लागू है। ऐसे में जिले में किसी के आने पर भी रोक लगी हुई है। इससे पहले सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा था कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल संभल जाएगा। प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सौंपेगा।
ये थे प्रतिनिधिमंडल के हिस्सा
सपा के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे, विधान परिषद में विपक्ष के नेता लाल बिहारी यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, सांसद जियाउर रहमान बर्क, सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद रुचि वीरा, सांसद इकरा हसन और नीरज मौर्य शामिल हैं। इसके अलावा विधायक कमाल अख्तर, रविदास मेहरत्रआ, नवाब मोहम्मद और पिंकी सिंह यादव भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।


