जरा सोचिए अगर आप किसी को पेमेंट करने की सोच रहे हैं और इसके लिए आपको कैश, कार्ड या मोबाइल फोन की जरूरत नहीं है। बल्कि आपके चेहरे की पहचान ही काफी है।
सुनने में जरा अजीब लग सकता है लेकिन यह सच है। जी हाँ, देश के एक बैंक ने ऐसी सुविधा शुरू भी कर दी है। यहाँ ग्राहक कैमरे पर केवल मुस्कराकर ही पैसों का भुगतान कर सकते हैं।
इस बैंक का नाम है फेडरल बैंक। यह देश के बड़े प्राइवेट बैंक में से एक है। इस बैंक ने जो सुविधा शुरू की है, उसका नाम है ‘स्माइलपे’ । यह चेहरे की पहचान पर आधारित पेमेंट सिस्टम है। ऐसा देश में अपनी तरह का पहला सिस्टम तैयार हुआ है।
फेडरल बैंक की कार्यकारी निदेशक शालिनी वारियर ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में स्माइलपे को लॉन्च किया। यह ग्राहकों को चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग करके लेनदेन पूरा करने की अनुमति देता है।
स्माइलपे को इस समय रिलायंस रिटेल और स्वतंत्र माइक्रो हाउसिंग (SMHFC) के सहयोग से चुनिंदा शाखाओं और आउटलेट्स पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जा रहा है। यह सिस्टम UIDAI की फेस ऑथेंटिकेशन सेवा पर बनाया गया है, जो सुरक्षित लेनदेन सुनिश्चित करता है। यह नवाचार नकदी, कार्ड या मोबाइल डिवाइस की जरूरत को समाप्त करता है, जिससे ग्राहकों को अधिक सुविधा और व्यापारियों के लिए बेहतर दक्षता मिलती है।
रिलायंस रिटेल के निदेशक वी सुब्रमण्यम ने स्माइलपे को प्रौद्योगिकी के जरिए ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने की कंपनी की प्रतिबद्धता के साथ जोड़ने पर जोर दिया। इसी तरह, एसएमएचएफसी के निदेशक विनीत चटरी ने अपने ग्राहकों के लिए सुरक्षित और निर्बाध समाधान प्रदान करने में सिस्टम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
स्माइलपे की मुख्य विशेषताओं में मजबूत सुरक्षा, उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफ़ेस और लेनदेन को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने की क्षमता शामिल है। शुरुआत में, यह सेवा केवल फेडरल बैंक के ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी, भविष्य में इसके विस्तार और इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की योजना है।
फेडरल बैंक 31 मार्च, 2024 तक 1500 से अधिक बैंकिंग आउटलेट्स के अपने व्यापक नेटवर्क और 16.13% के मजबूत पूंजी पर्याप्तता अनुपात के साथ बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखता है। बैंक का लक्ष्य स्माइलपे और इसी तरह के नवाचारों का विस्तार करना है, जो भारत में अधिक जुड़े वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान देगा।


