गुजरात के सूरत (Surat) में रेलवे ट्रैक के साथ छेड़छाड़ मामले में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस मामले में रेलवे के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
इन कर्मचारियों पर ट्रैक से छेड़छाड़ की जानकारी अधिकारियों को देकर खुद को संभावित हादसे को टालने वाला बताने का आरोप है।
यह घटना सूरत (Surat) जिले की है, जहां रेल पटरी से छेड़छाड़ की गई थी। सूरत (Surat) पुलिस अधीक्षक होतेश जॉयसर के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों कर्मचारी रेलवे के रखरखाव विभाग में ट्रैकमैन के पद पर तैनात है।
इनकी पहचान सुभाष पोद्दार, मनीष मिस्त्री और शुभम जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इन कर्मचारियों ने पहले पटरी से छेड़छाड़ की और फिर अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर हादसा रोकने का क्रेडिट लेने की कोशिश की।
सुभाष पोद्दार, मनीष मिस्त्री और शुभम जायसवाल ने शनिवार सुबह 5:30 बजे कोसांबा और किम स्टेशन के बीच निरीक्षण के दौरान रेलवे प्रशासन को सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि कुछ ‘शरारती तत्व’ ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।
इन तत्वों ने एक तरफ की पटरी से इलास्टिक क्लिप और दो फिशप्लेट निकालकर उन्हें दूसरी तरफ की पटरी पर रख दिया था। तीनों कर्मचारियों ने इस घटना को रेलवे अधिकारियों के ध्यान में लाया था।
अधिकारियों के मुताबिक, तस्वीरें और वीडियो सुबह 5:30 बजे छेड़छाड़ की सूचना देने से काफी पहले रिकॉर्ड किए गए थे। गहन पूछताछ के बाद तीनों कर्मचारियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
उन्होंने बताया कि वे इस कृत्य में इसलिए शामिल हुए ताकि उन्हें प्रशंसा मिले और रात की ड्यूटी पर आगे भी तैनात किया जाए, जिससे उन्हें दिन में अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सके।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सुभाष पोद्दार है, क्योंकि मानसून के दौरान उनकी रात्रि ड्यूटी समाप्त होने वाली थी। तीनों चाहते थे कि रात्रि ड्यूटी का सिलसिला जारी रहे, जिससे उन्हें हर रात की ड्यूटी के बाद अगले दिन की छुट्टी मिलती रहे।


