सैलरी घोटाले को लेकर बिहार का सियासी पारा हाई हो गया है। JDU ने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पर आरोप लगाए तो जवाब में आरजेडी नेता ने नोटिस भेज दिया है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने सैलरी घोटाले के आरोप मामले में JDU नेता नीरज कुमार को नोटिस भेजा है।
तेजस्वी यादव ने शनिवार को पत्रकारों से कहा- “जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार को लीगल नोटिस भेजा गया है, अगर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो कोर्ट लेकर जाएंगे।”
आपको बता दें कि जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर सैलरी घोटाले का आरोप लगाया है। जेडीयू ने इस सिलसिले में राज्य चुनाव आयोग को करीब 700 पन्नों का दस्तावेज भी सौंपा है।
JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए। नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि तेजस्वी यादव ने आमदनी घोटाला किया है।
नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपनी सालाना आमदनी से अधिक लोगों को कर्ज दिया।
लालू परिवार को लेकर अक्सर हमलावर रहने वाले नीरज कुमार का आरोप है कि तेजस्वी यादव का नया घोटाला उनके वेतन से जुड़ा है।
नीरज कुमार ने कहा- “जब वह (तेजस्वी यादव) पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे थे तब उनकी आमदनी अधिक थी लेकिन जब वह खुद उप मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बने तो उनकी आमदनी घट गई।”
JDU नेता ने कहा- “रोचक बात यह है कि तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) अपनी सालाना आमदनी से ज्यादा लोगों को कर्ज देते हैं।”
तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के हलफनामे का हवाला देते हुए JDU के मुख्य प्रवक्ता ने कहा, “तेजस्वी यादव की आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया है। वर्ष 2015 में शपथ पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि उनकी वार्षिक आय 5.8 लाख रुपए है जबकि 2015 में ही उन्होंने अलग-अलग लोगों को 1.13 करोड़ रुपए का ऋण दिया।”
नीरज कुमार ने कहा- “नेता प्रतिपक्ष की पांच साल का कमाई जब 89 लाख 75 हजार रुपए ही थी तो फिर उन्होंने 4.10 करोड़ रुपए का कर्ज कहां से दे दिया? आय से अधिक 3.20 करोड़ 24 हजार रुपए का ऋण देने के लिए उन्हें कहां से पैसा आया?”
JDU विधायक का कहना है कि जांच में अगर तेजस्वी यादव दोषी पाए जाते हैं तो उनकी सदस्यता चली जाएगी।


