Tejashwi Yadav: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिलकुल सवेरे सवेरे राज्यपाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद से राजनीतिक हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव राज्यपाल को ज्ञापन देने गए थे। इसमें राज्य के मुद्दों का जिक्र था। ऐसे में सवाल है कि क्या यह कोई बड़ा राजनीतिक दांव है? या सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात? सियासी गलियारों में चर्चा गर्म है। जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मिले। यह मुलाकात आज सुबह हुई। इस मुलाकात ने सबको चौंका दिया। राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं। सब जानना चाहते हैं कि इस मुलाकात का मकसद क्या था? लेकिन पटना के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार तेज है।
सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव राज्यपाल को एक ज्ञापन देने गए थे। इस ज्ञापन में बिहार के कई मुद्दों पर बात की गई थी। लेकिन अभी तक इस मुलाकात के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।अब इस पर तेजस्वी यादव का बयान आया है। मुलाकात के बाद तेजस्वी ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। सीएम नीतीश कुमार पर भी भड़के। तेजस्वी यादव ने कहा, ‘मधुबनी में जो घटना हुई है वो बेहद दर्दनाक है। पुलिस-प्रशासन को जनता की सेवा में लगना चाहिए। जनता की रक्षा में लगना चाहिए। ऐसा कोई भी दिन नहीं है जिस दिन बिहार में गोलियां नहीं चलती हैं। जिस हिसाब से लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ता जा रहा है, जिस तरह से एक धर्म को टारगेट बनाया जा रहा है, बिहार में कुछ लोग तो ऐसी मानसिकता के थे ही, लेकिन पुलिस में भी कुछ लोगों की ऐसी मानसिकता है।”
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने मधुबनी की घटना को लेकर कहा कि उस डीएसपी पर कार्रवाई नहीं की गई। ट्रेनी डीएसपी है। उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरीके से कानून को हाथ में लेने का काम किसी का नहीं होना चाहिए। चाहे आम नागरिक हो, पुलिस हो, कोई नेता हो या मंत्री हो। कानून अपने हिसाब से चलना चाहिए। मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस हिसाब से नीतीश कुमार अचेत अवस्था में हैं हम सब लोगों को बिहार की चिंता हो रही है। चिंता हो रही है कि बिहार सुरक्षित हाथों में नहीं है। मुख्यमंत्री का मौन, मुख्यमंत्री की हरकतें, मुख्यमंत्री की बयान जिस तरीके से प्रतिदिन आता है लोगों का विश्वास जो है वो खो चुके हैं। कहीं पेपर लीक हो रहा है कहीं रेप हो रहा है। कहीं गोलियां चल रही हैं। आज एनके सीएम नहीं हैं। सुपर सीएम कोई है तो डीके है।’
भले ही तेजस्वी ने अपना बयान देकर मुलकात की वजह बता दी है लेकिन फिर भी ये अचानक होने से कई लोग इसके असली मकसद पर विचार करने लगे हैं। क्या यह किसी बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था? क्या यह बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत था? या यह महज एक औपचारिक आदान-प्रदान था? ये सवाल राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं, जो इस बातचीत के पीछे छिपे किसी भी अर्थ को समझने के लिए उत्सुक हैं। जैसे-जैसे स्थिति सामने आ रही है, सभी की निगाहें बिहार के राजनीतिक क्षेत्र पर टिकी हैं कि तेजस्वी यादव की राज्यपाल से मुलाकात से क्या नतीजे निकलेंगे। यह उत्सुकता साफ तौर पर देखी जा सकती है क्योंकि हितधारक आगे के घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं जो इस रहस्यमयी मुलाकात पर प्रकाश डाल सकते हैं। साथ ही सवाल है कि क्या बिहार की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है? या फिर यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात थी? फिलहाल, सियासी पंडित इस मुलाकात के मायने समझने में लगे हैं। देखना होगा कि आगे क्या होता है।
गौरतलब है कि इस साल के अंत तक बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं। लोकसभा चुनाव नतीजों से उत्साहित विपक्षी महागठबंधन की अगुवाई कर रही राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।वहीं तेजस्वी यादव पिछला प्रयोग दोहराने की कोशिश में इस बार भी बिहार की यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। आरजेडी ने आगामी चुनाव के लिए अपने कार्यकर्ताओं को एक्टिव करने की रणनीति पर अभी से ही काम शुरू कर दिया है।


