आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति मंदिर (Tirupati Temple) के लड्डू (Laddu) ‘प्रसादम’ की पवित्रता और शुद्धता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रसादम में फिश ऑयल और जानवरों की चर्बी मिलने की पुष्टि हुई है।
लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र तिरुपति तिरुमाला मंदिर (Tirumala Tirupati Devasthanams) में मिलने वाले लड्डू में मिलावट की बात सामने आई है।
दरअसल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस की सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार के दौरान तिरुपति मंदिर में लड्डू (Laddu) बनाने में घटिया सामग्री और जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया गया।
इस सनसनीखेज दावे के बाद तिरुपति मंदिर के प्रसाद का सैंपल जांच के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (National Dairy Development Board) को भेजा गया था।
बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुपति मंदिर का लड्डू (Laddu) बनाने में मछली का तेल, बीफ और चर्बी का इस्तेमाल किया गया है।
लड्डू प्रसादम से जुड़ी यह रिपोर्ट कई दिनों से पब्लिक डोमेन में है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तिरुपति मंदिर (Tirupati Mandir) के 300 साल पुराने किचन में रोजाना करीब 3.50 लाख लड्डू बनते हैं। लड्डू को चने के बेसन, मक्खन, चीनी, काजू, किशमिश और इलायची से बनाया जाता है।
यह प्रसाद भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में आने वाले करोड़ों भक्तों को दिया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुमाला ट्रस्ट हर साल प्रसादम से सालाना 500 करोड़ रुपए कमाता है।
बोर्ड की रिपोर्ट आते ही आंध्र प्रदेश में सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। इस पूरे मामले पर मंदिर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
YSCRP के राज्यसभा सांसद वाई वी सुब्बा रेड्डी ने प्रसादम में मिलावट की खबरों को फर्जी बताया है। सुब्बा रेड्डी ने कहा कि ऐसे आरोप हिंदुओं की भावनाओं पर असर डालते हैं।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस के महासचिव वी गुरुणाधम ने मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने सीएम चंद्रबाबू नायडू से इस मामले में डिटेल रिपोर्ट मांगी है।


