Under 19 : भारत में क्रिकेट के धुरंधरों की कमी नहीं है। एक से एक टैलेंट हैं अपने पास। टैलेंट की खान से एक और हीरा निकला है ‘वैभव’ उम्र मात्र 13 साल और साल भर के अंदर वैभव ने 49 शतक जड़ दिए हैं। आइए बताते हैं अंडर-19 (Under-19) के छोटे उस्ताद की पूरी कहानी –
Under 19 Cricket: कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। इसी का एक ताज़ातरीन उदाहरण हैं वैभव। जिनकी उम्र मात्र तेरह साल 5 महीने की है और वैभव ने नाहि सिर्फ़ अंडर-19 (Under-19) में अपनी जगह पक्की की है बल्कि अलग-अलग टूर्नामेंट में एक साल में कुल 49 शतक ठोक चुके हैं।
13 साल के इस नन्हे सुपरस्टार के बारे में ये कहना ग़लत नहीं होगा कि ये अगर अपने आप पर काम करते रहे तो भारतीय ड्रेसिंग रूम में एक और हीरा एड होने वाला है।
इसी महीने खेलेंगे पहला Under-19 टेस्ट मैच :
वैभव इसी महीने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अंडर-19 (Under-19) टीम में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेलेंगे। वैभव ने 4 देशों की वनडे सीरीज़ में इंग्लैंड और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पचासा लगाया था।
सक्सेस के पीछे पिता का हाथ
वैभव बताते हैं कि आज वो जो भी कर पा रहे हैं इन सब के पीछे उनके पिता का हाथ है। वैभव सूर्यवंशी के पिता ने समस्तीपुर ज़िले के मोतीपुर वाले घर में ही नेट लगवाया और बेटे के पहले कोच बने। पिता ने वैभव को 5 साल की उम्र से प्रैक्टिस करवाना शुरु कर दिया था।
फिर 2 सालों के बाद समस्तीपुर के क्रिकेट एकेडमी में दाखिला कराया। यहां कोच ब्रजेश झा ने वैभव को स्थानीय टूर्नामेंट में अंडर-19 (Under-19) खिलाया।
10 साल की उम्र से बाकायदा ट्रेनिंग
वैभव के पिता 10 साल की उम्र में बेटे को पटना के जेनेक्स एकेडमी ले गए ताकि रणजी खिलाड़ी कोच मनीष ओझा से ट्रेनिंग मिल सके। इसके बाद बीसीसीआई ने वैभव को नेशनल क्रिकेट एकेडमी, मोहाली के लिए चुना। जहां देशभर के 150 खिलाड़ी पहुंचे। इनमें 25 खिलाड़ी चुने गए। यहीं से वैभव को अंडर-19 (Under-19) टीम के लिए चुना गया।


