UP BJP President Election: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-उत्तर प्रदेश में भी नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा है। इसी बीच खबर है कि यूपी में प्रदेश चुनाव फिलहाल टाल दिया गया है। दरअसल, अभी कमान संभाल रहे भूपेंद्र चौधरी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। मंथन से लेकर दावेदारी तक की दौड़भाग शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि दिल्ली में चल रहे चुनाव के घमासान को देखते हुए ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का लखनऊ दौरा टल गया। इसके बाद यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव पर अभी विराम लग गया है।बता दें कि पीयूष गोयल को को यूपी प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव अधिकारी बनाया गया है। गौरतलब है कि यूपी में हर हाल में जनवरी महीने तक नए प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव होना था। इसी सिलसिले में पीयूष गोयल को लखनऊ आना था लेकिन उनका दौरा टलने के बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया है।
ऐसे में उम्मीद है कि फरवरी में इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। नतीजन ,अभी यूपी बीजेपी को अपने नए बॉस के लिए इंतजार करना पड़ेगा। बूथ कमिटी के गठन के बाद मंडल और फिर जिला अध्यक्षों का चुनाव होगा। इसके बाद ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगेगी। इसके लिए बीजेपी जातिगत बैलेंस के साथ ही रणनीति पर काम कर रही है। चर्चा ये भी है कि बीजेपी यूपी की कमान ओबीसी या दलित चेहरे को दे सकती है। ऐसे में इस रेस में कई नाम सामने आ रहे हैं। आइए मुख्य नामों पर गौर करते हैं।
यूं तो फ़िलहाल यूपी बीजेपी की कमान भूपेंद्र चौधरी संभाल रहे हैं, हालांकि उनका कार्यकाल पूरा हो गया है। हालांकि, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का झुकाव मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को ही यूपी बीजेपी की कमान दिया जाना है। दरअसल, भूपेंद्र चौधरी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के शेष बचे कार्यकाल को पूरा कर रहे थे। ऐसे में पश्चिम यूपी में जाट सियासत को साधने के लिए बीजेपी बड़े जाट नेता भूपेंद्र चौधरी को एक बार फिर यूपी बीजेपी की कमान सौंप सकती है। मालूम हो कि भूपेंद्र चौधरी राष्ट्रीय नेतृत्व के भी करीबी माने जाते हैं।


