विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मंदिरों को सरकार के अधीन से छुड़ाने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने वाली है। VHP ने गुरुवार यानी 26 जनवरी को हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने की बात कही है।
VHP 5 जनवरी 2025 से देशव्यापी जन जागरण अभियान शुरू करेगी। VHP के संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। मिलिंद परांडे ने कहा कि राज्य सरकारों को मंदिरों के नियंत्रण, प्रबंधन और दैनिक कार्यों से खुद को अलग कर लेना चाहिए। सरकार की ऐसी गतिविधियां हिंदू समाज के प्रति भेदभावपूर्ण हैं। मिलिंद परांडे ने पूछा कि जब कोई मस्जिद या चर्च सरकार के अधीन नहीं है, तो हिंदुओं के साथ यह भेदभाव क्यों?
आंध्र प्रदेश से शुरू होगा हैंदव शंखरावम अभियान
VHP के संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि पूज्य संत समाज और हिंदू समाज के प्रमुख लोगों के नेतृत्व में हम 5 जनवरी को देशव्यापी जन जागरण अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस अखिल भारतीय अभियान का आह्वान आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित होने वाले ‘हैंदव शंखरावम’ सभा से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के बाद कई मंदिर जिन्हें हिंदू समाज को सौंप दिया जाना चाहिए था। उन्हें भी राज्य सरकारों के अधीन में रखा गया।
मिलिंद परांडे ने आगे कहा कि मंदिरों की मुक्ति के लिए यह अखिल भारतीय जागरण अभियान, इन मंदिरों की चल-अचल संपत्तियों की रक्षा करने और उनका हिंदू समाज की सेवा और धर्म के लिए हिंदू समाज का जागरण शुरू हो गया है।
मंदिरों के प्रबंधन का काम हिंदू समाज के लोगों को सौंप देना चाहिए- VHP
मिलिंद परांडे ने कहा कि मंदिरों के प्रबंधन और नियंत्रण का काम अब हिंदू समाज के समर्पित और योग्य लोगों को सौंप दिया जाना चाहिए। इसके लिए हमने सुप्री कोर्ट के प्रतिष्ठित वकीलों, उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीशों, संत समाज के प्रमुख लोगों और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का एक थिंक टैंक बनाया है। जिसने मंदिरों के प्रबंधन और इससे जुड़े किसी भी तरह के विवाद को सुलझाने के प्रोटोकॉल का अध्ययन करने के बाद एक मसौदा तैयार किया है।


