Viral Video: प्रयागराज के महाकुंभ में सुंदर साध्वी के नाम से चर्चा में आई हर्षा रिछारिया का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वो फुट फुटकर रोते दिखाई दे रही है। साथ ही हर्षा रिछारिया ने महाकुंभ छोड़ने का भी ऐलान कर दिया है।उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है और सबके मन मे एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि साध्वी हर्षा रिछारिया को महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन को छोड़ने का फैसला करना पड़ा?
जब हर्षा रिछारिया ने महाकुंभ छोड़ने का ऐलान किया, तो यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। और तब से ही लोग जानना चाहते है कि हर्षा अचानक से महाकुंभ छोड़कर क्यों जा रही हैं। दरअसल वायरल हो रही सुंदर साध्वी की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमं वो फूट-फूटकर रो रही हैं। इस वीडियो में हर्षा ने महाकुंभ छोड़ने का फैसला किया। हर्षा ने कुछ संतों और मीडिया चैनलों पर निशाना साधते हुए उन्हें महाकुंभ छोड़ने पर मजबूर करने का आरोप लगाया है। और कहा कि एक लड़की जो धर्म से जुड़ने आई थी, धर्म को जानने आई थी।।।सनातन संस्कृति को जानने आई थी।।।उसे इस लायक नहीं छोड़ा कि वह पूरे कुंभ में भी रुक पाए।।।यह ऐसा कुंभ है जो हमारे जीवन में एक बार ही आएगा, उसे आप लोगों ने मुझसे छीन लिया है। इसके पुण्य का तो नहीं पता लेकिन जिन लोगों के कारण मुझे महाकुंभ छोड़ना पड़ रहा है उन्हें इसका पाप जरूर लगेगा। हर्षा ने कहा कि यहां आने के बाद जो कुछ भी हुआ है उसमें मेरी कोई गलती नहीं है। मैं पहले पूरे महाकुंभ के लिए यहां रहने आई थी। लेकिन मेरा नाम विवादों में घसीट दिया गया। आपको बता दें कि हर्षा फिलहाल मीडिया कैमरों से दूर एक छोटे से टेंट के कॉटेज में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि इस काटेज में रहने के लिए उन्हें मजबूर कर दिया गया है। अब इस काटेज को ही दिनभर देखना है तो इससे बेहतर है मैं यहां से चली जाऊं। हर्षा के इस बयान के बाद काफी सारे सवाल खड़े हो रहे है। साथ ही ये यह बयान मानो उनकी मानसिक और भावनात्मक दबाव को दिखा रहा है।
इसके अलावा हर्षा ने ये भी कहा कि कुछ गैर धर्म के रिपोर्टर हैं जो महाकुंभ में आए थे। उन्होंने मिलकर मुझे एंकर और एक्टर की जगह मॉडल बना दिया है। जबकि मैंने कभी मॉडलिंग नहीं की। मेरे प्रोफाइल में भी नहीं है। जैसे मुझे साध्वी का टैग दिया गया, उसी तरह मॉडल का टैग दे दिया गया है। आगे हर्षा कहती है इसी तरह खुद को संत बताने वाले काली सेना के अध्यक्ष आनंद स्वरूप खुद शादीशुदा हैं। वह भी मुझ पर उंगली उठा रहे हैं। वह मुझे नाचने गाने वाली बता रहे हैं। आप पहले खुद में झाकिए कि आप कितने सही हैं, कितने साफ हैं। उसके बाद किसी पर उंगली उठाइए। हर्षा ने ये भी कहा कि आपको सभ्यता का बिल्कुल एहसास नहीं है। आप एक संत बताकर इस महाकुंभ में हैं। इस महाकुंभ की परंपरा को कहां लेकर जा रहे हैं। आप मेरे कंधे पर बंदूक रखकर मेरे गुरुजी पर चला रहे हैं। उन्होने क्या किया है। हर्षा ने कहा कि सोशल मीडिया पर मसाले के लिए कुछ कंटेट क्रिएटर और अपनी टीआरपी के लिए कुछ न्यूज रिपोर्टर जो कुछ कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी हो रही है। संत आनंद स्वरूप जी ने जिस तरह से मेरे और मेरे गुरुदेव के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, उसका उन्हें हक ही नहीं है। मेरे गुरुदेव जहां पर हैं, वहां आप पहुंच ही नहीं सकते हैं। अगर अब इससे आगे बात बढ़ी तो उनके खिलाफ और जो लोग मेरे ऊपर और मेरे गुरुदेव के ऊपर किचड़ उछाल रहे हैं, सभी के खिलाफ मानहानि का दावा करूंगी।
बताते चलें कि हर्षा ने पिछले हफ्ते निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के दौरान एक रथ पर साधु संतों के साथ महाकुंभ में प्रवेश किया था। इसी दौरान कुछ मीडिया चैनलों ने उनसे बातचीत की और इसी बातचीत के बाद से वो महाकुंभ का सबसे चर्चित चेहरा बन गई थीं। रातों-रात हर्षा महाकुंभ की सबसे खूबसूरत साध्वी के नाम से मशहूर हो गईं। उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इसे देखकर खुद हर्षा तब खूश नजर आईं थी। जब उन्होंने देखा कि वो गूगल और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो रही है। तब उन्होंने मिडीया से बात करते हुए कहा था कि ट्रेडिंग में आना बहुत अच्छा लग रहा है। इंस्टाग्राम पर उनके फालोअर्स दस लाख के पार हो गए थे।


